जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: बरेली शहर में हाल ही में हुए उपद्रव के मामले में पुलिस की सख्ती जारी है। रविवार को पुलिस ने 22 और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इनमें से 16 लोगों पर हिंसा में सक्रिय भागीदारी का आरोप है, जबकि छह लोग मौलाना तौकीर रजा खां की गिरफ्तारी के बाद भीड़ को भड़काने के मामले में पकड़े गए हैं। अब तक मौलाना तौकीर रजा समेत कुल 34 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि 26 अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।

पुलिसकर्मी हुए घायल, FIR में 3,000 अज्ञात आरोपी
एसपी सिटी मानुष पारीक के अनुसार, उपद्रव के दौरान 22 पुलिसकर्मी घायल हुए। शहर के कोतवाली, बारादरी, किला, कैंट और प्रेमनगर थानों में कुल 125 नामजद और करीब 3,000 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
माफी मांगते नजर आए आरोपी
रविवार को आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया गया। ज्यादातर आरोपी युवा और छात्र वर्ग से हैं। उन्होंने कहा कि वे बहकावे में आकर उपद्रव में शामिल हो गए थे और भविष्य में ऐसा दोबारा न करने की कसम खाई। प्रशासन का कहना है कि चक महमूद निवासी मोईन उर्फ चोटीकटवा जैसे कुछ आरोपी पूर्व में भी बरेली का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर चुके हैं।
चार सुपर जोन में बंटा बरेली, धारा 163 लागू
बरेली प्रशासन ने 25 नवंबर तक जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोग एकत्र नहीं हो सकेंगे। पूरे जिले को 4 सुपर जोन, 8 जोन और 31 सेक्टरों में बांटा गया है। 102 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, और कानून व्यवस्था की निगरानी के लिए अन्य जिलों से भी प्रशासनिक अधिकारी बुलाए गए हैं।
पार्षद भी जांच के घेरे में
पुलिस जांच में सामने आया है कि पांच पार्षदों सहित 77 लोगों ने भीड़ को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई। एक पार्षद को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि चार अन्य की भूमिका की जांच की जा रही है।
25 नाबालिगों की पहचान, अभिभावकों पर हो सकती है कार्रवाई
पथराव और फायरिंग की घटनाओं में 25 नाबालिगों की पहचान की गई है। ये सभी सैलानी, खलील स्कूल तिराहा, बिहारीपुर और अन्य संवेदनशील इलाकों से हैं। पुलिस अब उनके अभिभावकों के खिलाफ भी कार्रवाई पर विचार कर रही है।
व्हाट्सएप कॉल और ग्रुप से हुआ उपद्रव का प्लान
जांच में खुलासा हुआ है कि मौलाना तौकीर रजा और अन्य आरोपी व्हाट्सएप कॉल और ग्रुप चैट के माध्यम से उपद्रव की साजिश रच रहे थे। फरहत नामक व्यक्ति के फाइक एन्क्लेव स्थित घर से तौकीर रजा आरोपियों से डिजिटल माध्यम से संपर्क में था। नफीस और लियाकत ने भी व्हाट्सएप कॉल्स के जरिए भीड़ जुटाने का काम किया।
रूट मार्च और ड्रोन निगरानी
रविवार को हालात सामान्य रहे। शहर के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी की गई।
एसएसपी अनुराग आर्य और एसपी सिटी ने पुलिस, पीएसी और RAF के साथ मुख्य इलाकों में फ्लैग मार्च कर जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

