Thursday, March 5, 2026
- Advertisement -

UP: युवराज की मौत, पिता ने किया खुलासा, दफ्तर से देर से घर लौटने की बताई वजह

जनवाणी ब्यूरो |

यूपी: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी में हुए एक दुखद हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की कार गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। घटना के तीन दिन बाद सोमवार दोपहर को मीडिया और स्थानीय लोगों का जमावड़ा लगा। सबका सवाल था, आखिर युवराज की मौत का जिम्मेदार कौन है? क्या यह नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही थी या फिर कुछ और? लोग चाहते थे कि दोषियों को सजा मिले।

मौके पर मौजूद आशुतोष सिंह का गुस्सा साफ नजर आया। उनका कहना था कि रात के समय यहां अंधेरा छा जाता है। अगर एक पल के लिए भी लापरवाही बरती जाए, तो सीधे गड्ढे में गिर सकते हैं। यह अकेला ऐसा खतरनाक स्थल नहीं है। यहां कई और गड्ढे और बेसमेंट भी हैं, जिनकी बैरिकेडिंग या सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। 500 मीटर की दूरी पर एक और गड्ढा दिखा, जो एटीएस सोसाइटी के पास था।

सोसाइटी में लगाए गए बैनरों में युवराज को न्याय दिलाने की मांग की जा रही थी, और उन पर नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ लोकेश एम की तस्वीर भी थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि युवराज की मौत की जिम्मेदार नोएडा प्राधिकरण ही है।

युवराज के पिता, राजकुमार मेहता ने बताया कि उनका बेटा आमतौर पर रात 10 बजे तक घर लौट आता था, लेकिन उस दिन वह देर से आया। जब पिता ने उसे देर होने का कारण पूछा, तो उसने बताया कि दफ्तर में काम ज्यादा था। इसी कारण वह देर से आ रहा था। शुक्रवार रात करीब 12 बजे युवराज ने फोन करके बताया कि वह नाले में गिर गया है, और उसे बचाने की गुहार लगाई। पिता तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़े, लेकिन उनकी स्कूटी सर्दी के कारण स्टार्ट नहीं हो पाई।

राजकुमार को सोसाइटी के बाहर एक कैब मिली। पहले वह गलती से एस सिटी के पास गए, लेकिन युवराज वहां नहीं मिला। फिर उसने बताया कि वह सोसाइटी के पास वाले नाले में गिरा है। 30-40 मिनट बाद जब वह मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि युवराज कार से बाहर निकलकर छत पर लेट गया था और मदद की पुकार लगा रहा था। इसके बाद उन्होंने डायल-112 पर कॉल किया।

इस हादसे के तीन दिन बाद भी युवराज की कार गड्ढे में फंसी हुई है, जबकि पानी का स्तर घटने के बजाय बढ़ रहा है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और दमकल विभाग ने कार को निकालने से मना कर दिया है, उनका कहना है कि उनका काम केवल लोगों को बचाना है, कार को निकालना नहीं। स्थानीय पुलिस ने इस मामले की जिम्मेदारी ली है और नोएडा प्राधिकरण द्वारा पानी निकालने के लिए पंप लगाने की तैयारी की जा रही है।

स्थानीय लोग इस घटना से काफी आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते इन गड्ढों की बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो इस घटना को रोका जा सकता था। एसडीएम सदर, आशुतोष गुप्ता ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

युवराज के पिता ने सोमवार को हरिद्वार जाकर अस्थि विसर्जन किया और इस दौरान उनका परिवार भी उनके साथ था। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस ने युवराज के पिता की शिकायत पर बिल्डर कंपनी एमजे विशटाउन और लोटस ग्रीन्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब इन कंपनियों के जिम्मेदारों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। आरोप है कि इन कंपनियों ने इस खतरनाक गड्ढे को बिना बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर के छोड़ दिया, जिसके कारण यह दुखद हादसा हुआ। पुलिस ने बीएनएस की धारा-105, 106(1) और 125 के तहत मामला दर्ज किया है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Share Market: शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 550 अंक उछला, निफ्टी 24,600 पार

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पश्चिमी एशिया में चल रहे...

Holi 2026: क्यों खेलते हैं होली पर रंग? जानें इसके पीछे के सांस्कृतिक कारण

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...
spot_imgspot_img