Tuesday, May 19, 2026
- Advertisement -

लिखा जा रहा नारी शक्ति का नया अध्याय

19 5

भारत का लोकतंत्र एक नए मोड़ पर खड़ा है जहां महिलाओं की भागीदारी को लेकर ऐतिहासिक परिवर्तन की तैयारी हो रही है। लंबे समय से चली आ रही मांग अब एक ठोस रूप लेती दिखाई दे रही है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने का विचार अब केवल एक कानून तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए बड़े संवैधानिक बदलावों पर विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित योजना के अनुसार लोकसभा की सीटों की संख्या में लगभग पचास प्रतिशत तक वृद्धि कर महिलाओं के लिए पर्याप्त स्थान सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।

यह परिवर्तन केवल संख्या का विस्तार नहीं है बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र के चरित्र में गहराई से बदलाव लाने वाला कदम साबित हो सकता है। जब संसद में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी तो निर्णय लेने की प्रक्रिया में विविधता और संतुलन दोनों आएंगे। अब तक राजनीति में पुरुषों का वर्चस्व रहा है जिसके कारण कई सामाजिक मुद्दे अपेक्षित प्राथमिकता नहीं पा सके। महिलाओं की बढ़ी हुई भागीदारी से शिक्षा स्वास्थ्य पोषण सुरक्षा और समानता जैसे विषय अधिक गंभीरता से उठेंगे।
महिला आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया में अब तक सबसे बड़ी बाधा परिसीमन से जुड़ी शर्त रही है। परिसीमन के बिना आरक्षण लागू करना संभव नहीं माना जा रहा था। लेकिन अब सरकार इस शर्त को अलग कर आरक्षण को पहले लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह कदम इस बात का संकेत है कि नीति निर्माण में तेजी और इच्छाशक्ति दोनों मौजूद हैं। यदि यह योजना सफल होती है तो वर्ष 2027 से ही महिलाओं को वास्तविक प्रतिनिधित्व मिलने लगेगा। लोकसभा की सीटों में वृद्धि का प्रस्ताव अपने आप में महत्वपूर्ण है। वर्तमान में लोकसभा में 543 सदस्य हैं लेकिन इस संख्या को बढ़ाकर लगभग 816 तक करने का विचार है। इससे न केवल महिलाओं को आरक्षण देना आसान होगा बल्कि जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व भी अधिक संतुलित होगा। बढ़ी हुई सीटों का मतलब यह भी है कि अधिक क्षेत्रीय आवाजें संसद तक पहुंच सकेंगी और लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी।

महिलाओं के लिए लगभग 273 सीटें आरक्षित करने की योजना एक बड़ा कदम है। यह संख्या केवल एक आंकड़ा नहीं है बल्कि यह उन लाखों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है जो अब तक राजनीतिक मंच से दूर रही हैं। जब महिलाएं बड़ी संख्या में संसद में पहुंचेंगी तो नीति निर्माण में संवेदनशीलता और व्यावहारिकता दोनों का समावेश होगा। इससे समाज के उन वर्गों की समस्याएं भी सामने आएंगी जो अक्सर हाशिये पर रह जाते हैं। इस बदलाव का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि इससे संसद की कार्यप्रणाली में भी बदलाव आएगा। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से बहस का स्तर अधिक समावेशी होगा। निर्णय लेने की प्रक्रिया में संवाद और सहमति का महत्व बढ़ेगा। कई शोध यह बताते हैं कि जहां महिलाओं की भागीदारी अधिक होती है वहां शासन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह होता है। ऐसे में यह उम्मीद की जा सकती है कि भारतीय संसद भी अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनेगी।

राजनीतिक दृष्टि से यह कदम कई चुनौतियों के साथ भी आता है। विभिन्न राज्यों के बीच सीटों के वितरण को लेकर पहले से ही असंतुलन की चर्चा होती रही है। दक्षिण भारत के कुछ राज्यों ने यह चिंता जताई है कि जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में सीटों की संख्या बढ़ाकर इस असंतुलन को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। यह एक संतुलित दृष्टिकोण है जो सभी राज्यों को साथ लेकर चलने की कोशिश करता है। महिला आरक्षण के लागू होने से राजनीतिक दलों की रणनीति में भी बड़ा बदलाव आएगा। अब उन्हें अधिक संख्या में महिला उम्मीदवारों को तैयार करना होगा। इससे राजनीति में नए चेहरे और नई सोच का प्रवेश होगा। युवतियों और महिलाओं के लिए राजनीति एक आकर्षक और सशक्त विकल्प बन सकती है। इससे समाज में लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा। आर्थिक दृष्टि से भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। महिलाएं जब नीति निर्माण में भाग लेंगी तो वे रोजगार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में अधिक ध्यान देंगी। इससे देश के समग्र विकास को गति मिलेगी। महिला सशक्तिकरण केवल एक सामाजिक मुद्दा नहीं है, यह आर्थिक विकास का भी महत्वपूर्ण आधार है।

यदि महिला आरक्षण को सही तरीके से लागू किया गया तो यह आने वाले वर्षों में देश की राजनीति और समाज दोनों को नई दिशा देगा। महिलाओं की बढ़ी हुई भागीदारी से लोकतंत्र अधिक समावेशी मजबूत और संवेदनशील बनेगा। यह केवल एक कानून नहीं बल्कि एक नई शुरूआत है जो भारत को एक अधिक न्यायपूर्ण और संतुलित समाज की ओर ले जाएगी।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

Share Market: अमेरिका-ईरान टकराव टला, भारतीय शेयर बाजार में तेजी

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान के बीच टकराव टलने...

Sunil Shetty: केएल राहुल की धमाकेदार पारी पर खुश हुए सुनील शेट्टी, दामाद पर जताया गर्व

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

Latest News: गृह मंत्रालय के I4C में नौकरी का मौका, मैनेजर समेत कई पदों पर आवेदन शुरू

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: भारत सरकार के गृह मंत्रालय...

Lifestyle News: गलत लाइफस्टाइल से कमजोर हो सकते हैं एग्स, समय रहते बरतें सावधानी

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी...
spot_imgspot_img