नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक सवागत और अभिनंदन है। आज सावन माह का पहला सोमवार है। यह दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से शिवलिंग का जलाभिषेक कर बेलपत्र, भांग, धतूरा एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित करने से अधूरे कार्य पूरे होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही वैवाहिक जीवन में सुख-शांति, प्रेम संबंधों में मधुरता तथा जीवन में समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। शास्त्रों में इस दिन व्रत, पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं सावन के पहले सोमवार का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत के नियम।
सावन के पहले सोमवार के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 बजे से 5:01 बजे तक
यह समय भगवान शिव की पूजा और ध्यान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
शिवलिंग के अभिषेक और विशेष आराधना के लिए यह श्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है।
प्रदोष काल: शाम 6:26 बजे से 7:56 बजे तक
भगवान शिव की विशेष पूजा और आरती के लिए प्रदोष काल का विशेष महत्व है।
निशिता काल: रात्रि 11:33 बजे से 12:21 बजे तक
महाकाल की उपासना और विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यह समय शुभ माना जाता है।
सावन सोमवार पर शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं?
- शिवलिंग पर सबसे पहले शुद्ध जल और गंगाजल से अभिषेक करें।
- भगवान शिव को साबुत और ताजे बेलपत्र अर्पित करें। ध्यान रखें कि बेलपत्र खंडित न हो।
- शमी के पत्ते चढ़ाना भी शुभ माना जाता है।
- भांग और धतूरा भगवान शिव को प्रिय माने जाते हैं, इसलिए श्रद्धा से अर्पित किए जा सकते हैं।
- एक लोटा दूध और शहद से अभिषेक करना भी शुभ माना जाता है, जिससे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
सावन सोमवार की पूजा विधि
- सबसे पहले पूजा स्थल और शिवलिंग को अच्छी तरह साफ करें।
- भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
- शिवलिंग पर शुद्ध जल और गंगाजल अर्पित करें।
- इसके बाद पंचामृत से विधिवत अभिषेक करें।
- अभिषेक के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
- पंचामृत अभिषेक के बाद पुनः स्वच्छ जल से शिवलिंग का स्नान कराएं।
- भगवान शिव को 21 बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, फल और अन्न अर्पित करें।
- इसके साथ अक्षत, चंदन और तिल भी चढ़ा सकते हैं।
- माता पार्वती को सुहाग सामग्री तथा भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित कर पूरे शिव परिवार की पूजा करें।
- अंत में घी का दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
सावन सोमवार व्रत के नियम
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करें।
- व्रत के दौरान केवल सात्विक भोजन का सेवन करें।
- क्रोध, नकारात्मक विचार और कटु वचन से बचें।
- पूजा के बाद अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद लोगों को दान करें।
- शिव पूजन में बेलपत्र अवश्य अर्पित करें, क्योंकि यह भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है।
- पूरे दिन संयम और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- व्रत के दिन दिन में अधिक समय तक सोने या आलस्य करने से बचें और भगवान शिव के नाम का स्मरण करते रहें।

