- जब्त संपत्ति का प्रशासन बनाया एएसपी कैंट को
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सोतीगंज में कुर्सी बुनने जैसा साधारण काम करके परिवार को पालने वाला हाजी गल्ला बाद में डिमांड पर गाड़ियां चोरी करवा कर कटवाने लगा और देखते देखते काले कारनामों का बेताज बादशाह बन गया। गल्ला के बुरे दिन शुरू हुए तो प्रशासन ने बुधवार को दो मकान सील करने के साथ ही 10 करोड़ की कीमत के अचल संपत्ति सील कर दी। एएसपी कैंट सूरज राय को गल्ला की जब्त संपत्ति का प्रशासक नियुक्त किया गया है।
इस कुख्यात कबाड़ माफिया और गैंग लीडर नईम उर्फ गल्ला के विरुद्ध विभिन्न थानों में कम से कम 30 मुकदमे दर्ज हैं। स्थानीय एवं दूर-दराज के क्षेत्रों से भी की जाने वाली वाहन चोरी तथा उनका अवैध कटान करने और चोरी किए गए वाहनों का विक्रय करने तथा उनको अवैध रूप से काटकर निकाले गए पार्ट्स का विक्रय करने का अवैध व्यापार एक गिरोह बनाकर किए जाने के कारोबार का मुख्य आरोपी तथा गैंग लीडर नईम उर्फ गल्ला ही है। इसके गिरोह के अन्य सदस्य भी जेल में बंद हैं तथा उनकी समाज विरोधी क्रियाकलापों से अर्जित संपत्ति का भी पता लगाकर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे प्रमुख कबाड़ माफिया में गिना जाने वाला नईम उर्फ गल्ला जो कि वाहन कटान के अवैध काले कारोबार का मुखिया माना जाता है उसके द्वारा कुर्सी बुनने के साधारण काम से अपने जीवन यापन करने का काम अभी कुछ साल पहले तक किया जाता था। परंतु वाहन चोरी और वाहन कटान के काले कारोबार ने थोड़े ही समय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख वाहन कटान माफियाओं में इसका नाम दर्ज करा दिया और इसने इस काले कारोबार से कम समय में बहुत संपत्ति अर्जित कर ली। इन सभी अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर और इसकी बेनामी संपत्तियों का पता लगाकर कल्लोरतम कार्रवाई इस काले कारोबार को समाप्त करने के लिए की जा रही है।

विधिनुसार कुर्क की गई सभी संपत्तियों पर नियमानुसार नोटिस चस्पा किए गए हैं तथा मुनादी कराकर भी जन सामान्य को अवगत कराया गया है ताकि इन संपत्तियों का विधि विरुद्ध क्रय/विक्रय न किया जा सके। इसके साथ ही इन सभी संपत्तियों का प्रशासक सहायक पुलिस अधीक्षक कैंट को नियुक्त किया गया है। कुर्क की गई इन तीनों संपत्तियों का कुल बाजार मूल्य 10 करोड़ रुपये से अधिक आंका जा रहा है। सुबह के वक्त ढोल नगाड़ों के बीच गल्ला के दो मकानों की कुर्क की कार्रवाई के दौरान मुनादी कराई गई। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि गल्ला की अन्य अघोषित संपत्तियों की जांच पड़ताल की जा रही है।
आसरा छीना तो बेटी के घर रहने पहुंची गल्ला की पत्नी
चोरी के वाहनों के कटान के अरबों रुपये की संपत्ति खड़ी करने वाले नईम उर्फ हाजी गल्ला की पत्नी को अब दर-दर की ठोकरे खानी पड़ रही है। गल्ला की तीनों कोठियां जब्त होने पर उसके अपनों ने भी अब उसकी पत्नी को आसरा देने से इनकार कर दिया है। जिसके चलते गल्ला की पत्नी गुलबदन और छोटा बेटा शादाब बुधवार को अपनी बेटी के घर रहने चली गई है। शनिवार को पुलिस ने हाजी नईम उर्फ गल्ला की पटेल नगर वाली कोठी को जब्त कर लिया था। जिसके बाद गल्ला की पत्नी गुलबदन और छोटा बेटा शादाब सोतीगंज वाली कोठी में रहने लगे थे।
जबकि गल्ला की पुत्रवधूएं अपने मायके में चली गई थी। वहीं, बुधवार को पुलिस द्वारा गल्ला की सोतीगंज वाली दोनों कोठियों को सील किया तो गुलबदन और उसका बेटा शादाब भी घर से बाहर निकल गए। गुलबदन बेटे को लेकर गल्ला के भाई हाजी कल्लू पहलवान के घर रहने पहुंची, लेकिन पुलिस कार्रवाई के डर से कल्लू ने भाभी गुलबदन और भतीजे शादाब को अपने साथ रखने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद गुलबदन अपनी बेटी के घर दरगाह वाली गली में रहने चली गई है। वहीं, हाजी गल्ला के खिलाफ हुई इस कार्रवाई से सोतीगंत के अन्य कबाड़ियों में भी हड़कंप मचा
हुआ है।

