Monday, April 13, 2026
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बारिश व ओलावृष्टि से सैकड़ों बीघा धान की फसल तबाह

  • उपजिलाधिकारी बेहट पहुंचे नुकसान का जायजा लेने

जनवाणी संवाददाता |

साढौली कदीम: बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से किसानों के खेतो में धान की तैयार खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। पीडित किसानों ने ओले से बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग की है।

रविवार को क्षेत्र के गांव नुनयारी, जोधेबांस, कांसेपुर, बहरामपुर, धौलरा, रसूली, शेखपुरा, मंझाडी, मिल्को, नानौली, टटोहल आदि सहित यमुना के तटवर्ती कई गांवो में बारिश एवं ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। क्षेत्र में धान की लगभग पचास फीसदी फसल तैयार खडी हुई है।

सोमवार को उपजिलाधइकारी बेहट दीप्ती देव सिंह फसलों के हुुए नुकसान की जानकारी लेने पहुंचे। गांव नुनयारी निवासी किसान जगपाल की 14 बीघा, नन्दकिशोर की 10 बीघा, जगपाल की 14 बीघा, चौधरी प्रदीप कुमार की 45 बीघा, मनोज कुमार की 42 बीघा, बिरमपाल की 20 बीघा, चरणसिंह की 12 बीघा, अशोक की 10 बीघा धान की फसल व समय सिंह, विनोद, राजेश, बिरमपाल की उडद की फसल, बहरामपुर निवासी ओम कुमार की 8 बीघा, मगनपाल की 12 बीघा, सिताब सिंह की 13 बीघा, जनेश्वर की 9 बीघा, राहुल कुमार की 6 बीघा, कटार सिंह की 9 बीघा, दीपक की 12 बीघा धौलरा निवासी मंजीत कुमार की 15 बीघा, प्रमोद कुमार की 17 बीघा, जोधेबांस निवासी मुकेश, संजय, विजय कुमार, जयपाल, नरेश, ईश्वर की सरसो व उडद, सोपाल, अशोक, नरेश, राजबीर, सुशील, सोमपाल, मेघपाल, राजवन्ती आदि की धान की फसल, शेखपुरा निवासी रिषीपाल, बलबीर सिंह, मनीष कुमार, नरेन्द्र प्रजापति की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

पीडित किसानो का कहना है कि विकास खंड साढौली कदीम क्षेत्र में धान का एक भी क्रय केन्द्र संचालित नही है पडौसी राज्य हरियाणा की मंडियो में उनके धान की खरीद नही की जा रही है जिसके चलते वे अपनी फसल की पहले कटाई नही करा पाये ओलावृष्टि से उनकी अधिकतर फसले बर्बाद हो गयी है।

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