- चाइनीज मांझे की चपेट में आकर बच्चा हुआ घायल
- चाइनीज मांझा बना बच्चों और बड़ों के लिए जानलेवा
जनवाणी संवाददाता |
लावड़: आसमान में उड़ती पतंगों को काटने की होड़ में चाइनीज मांझा बेजुबानों और इंसानों की जिंदगी की डोर काट रहा है। पिछले एक दशक में चाइनीज मांझे की डिमांड तेजी से बढ़ी है। इसके इस्तेमाल, बिक्री और स्टॉक पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद यह हर साल बिकता है और जान लेता है।
एनजीटी द्वारा पतंग उड़ाने के लिए चाइनीज मांझा की बिक्री पर रोक लगी हुई है। बावजूद इसके दुकानों पर पतंग उड़ाने के लिए चाइनीज मांझा की बिक्री होती है। चाइनीज मांझे के प्रयोग से पक्षियों से लेकर इंसान तक घायल हो जाते हैं। अधिकारियों ने प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

कस्बे के बड़ा मंदिर के पास अपने मकान के छत पर बैठकर हनी सैनी पढ़ाई कर रहा था। तभी पीछे से आ रही एक कटी पतंग के मांझे ने हनी सैनी को घायल कर दिया। हनी सैनी के पिता मोहन सैनी ने बताया कि दोपहर के लगभग तीन बजे उनका बेटा छत पर बैठकर पढ़ाई कर रहा था। तभी पीछे से अचानक मांझी के साथ पतंग कट कर आई और मांझा हनी सैनी के माथे से उलझ गया।
जिससे बच्चे का माथा कट गया और खून निकलने लगा। आवाज सुनकर बच्चे के पिता छत पर गए तो उन्होंने देखा कि बच्चे के माथे से खून निकल रहा है। माथे से खून निकलता देख कर पिता ने बच्चे को गोद में उठाकर डॉक्टर के पास उपचार के लिए ले गए। जहां डॉक्टर ने बच्चे के माथे पर पट्टी करके उपचार किया। चाइनीज मांझा से आये दिन घटना देखने को मिलती रहती हैं। मोहन सैनी ने इसकी शिकायत पुलिस से भी करने की बात कही।
चाइनीज मांझा क्यों है खतरनाक?
मांझे के जानकार लोग बताते हैं कि चाइनीज मांझे को बनाने में मैटेलिक पावडर व नायलॉन का प्रयोग किया जाता है। इसके बनाते समय नायलॉन के धागे में कांच व लोहे के चूरे का भी प्रयोग किया जाता है ताकि इस मांझे का पैनापन बढ़ सके। देखने मे यह एक धागे जैसा ही दिखता है, लेकिन यह काफी मजबूत होता है, यह खींचने पर भी टूटता नहीं है। जब इस मांझे की चपेट में किसी भी शख्स के शरीर का जो भी हिस्सा आता है उसे वह अपने पैनेपन से काटता जाता है। जिस कारण व्यक्ति गम्भीर रूप से घायल हो जाता है।
ज्यादा मुनाफे के चक्कर में बेच रहे प्रतिबंधित मांझा
पतंग कारोबारी ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे को खुलेआम बेच रहे हैं। क्योंकि, कारोबारियों को मांझा कम दामों में उपलब्ध हो जाता है और अधिक रुपये में बिकता है। इसी वजह से व्यापारी चाइनीज मांझे को बेचने के लिए ज्यादा सक्रिय रहते हैं।
पुलिस का कोरा दावा
इस संदर्भ में पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अब पहले की तुलना में चाइनीज मांझे का प्रयोग कम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस जहां भी चाइनीज मांझे के प्रयोग की सूचनाएं मिलती है, वहां तत्काल कानूनी कार्रवाई अमल में लायी जाती है, लेकिन उन्होंने ने भी यह माना कि अब भी शहर में चाइनीज मांझे प्रभावी रोक नहीं लग पाई है।

