Sunday, August 7, 2022
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutइस वर्ष पांच लाख कन्याओं की शादी का लक्ष्य: रघुराज सिंह

इस वर्ष पांच लाख कन्याओं की शादी का लक्ष्य: रघुराज सिंह

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  • समीक्षा बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति
  • बाद में किया कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश
  • 10 पात्रों को बांटे योजनाओं के लाभ से संबंधित कार्ड और प्रमाण पत्र

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: प्रदेश के श्रम मंत्री रघुराज सिंह ने शुक्रवार दोपहर सर्किट हाउस में श्रमिकों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में मेरठ मंडल के संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। जिसमें पात्रों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों ने कहा कि आम तौर पर श्रमिक अधिक पढ़ा लिखा नहीं होता, या बिल्कुल निरक्षर होता है।

ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी अधिक हो जाती है कि उन तक योजनाओं के बारे में जानकारी पहुंचाने की दिशा में कदम उठाए जाएं। हर अधिकारी अगर दो घंटे का समय समाज सेवा में दे, तो स्थिति बहुत तेजी से बदल सकती है। सरकार का सपना है कि मजदूर परिवारों के बच्चे शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में किसी से पीछे न रहें। उच्च शिक्षा हासिल करके अधिकारी बनने के लिए प्रयास करें।

इसी को देखते हुए बालिकाओं के लिए उच्च शिक्षा तक नि:शुल्क किया गया है। अटल आवासीय विद्यालय इसी कड़ी में महत्वपूर्ण कदम है। जहां से श्रम विभाग तकनीकी क्षेत्र में ऐसी शिक्षा दीक्षा देकर विद्यार्थियों को तैयार करेगा, कि वो विदेश भी जाकर शिक्षा ग्रहण करना चाहें, तो श्रम विभाग उनका खर्च वहन करेगा। सरकार का मानना है कि श्रमिकों का उत्थान होगा, तो उत्तर प्रदेश का भी उत्थान होगा।

हर श्रमिक अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे सके, यही सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। सरकार की ओर से अब तक दो लाख आठ हजार गरीब मजदूर परिवारों की कन्याओं की शादी कराई जा चुकी है। जिनमें 40 प्रतिशत बालिकाएं मुस्लिम परिवारों से हैं। अब सरकार ने अपने ही इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए पांच लाख शादी कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जबकि पूर्ववर्ती सरकारें तुष्टिकरण के आधार पर वोट की राजनीति करती रही हैं।

भाजपा वोटों की नहीं, सर्व समाज के कल्याण के लिए कार्य करती है। गरीब परिवारों की कन्याओं के जन्म के समय ही 25 हजार रुपये दिए जाते हैं। जो विवाह की उम्र तक एक लाख से अधिक हो जाता है। इसी के साथ एक लाख रुपये सरकार उनकी शादी के समय देने का निर्णय लिया जा चुका है। कन्याएं अपने पिता पर बोझ न बनें, इसके लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना पीएम नरेन्द्र मोदी ने शुरू की।

जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। सरकार ने ग्रेजुएशन तक लड़कियों की शिक्षा फ्री करने की योजना लागू की है। केन्द्र और प्रदेश सरकार ने 40 प्रकार की योजनाओं का संचालन किया है। 1800 करोड़ रुपये अटल विद्यालय योजना के लिए दिए गए हैं। मजदूर के बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करके अफसर बनें, यह सरकार का लक्ष्य है।

श्रम विभाग के कार्यों को सुप्रीम कोर्ट निगरानी में लागू किया जाता है। योजनाओं के लागू करने में बनारस सबसे आगे है। श्रम मंत्री ने बताया कि योगी सरकार के कार्यकाल में एक करोड़ 37 लाख श्रमिकों को पंजीकृत करके उन्हें योजनाओं का लाभ दिया जा चुका है।

जबकि पूर्ववर्ती सरकारों के समय में यह संख्या मात्र 16 लाख रही है। इस संख्या को ढाई करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने योजनाओं की पारदर्शिता का हवाला देते हुए कहा कि लाभार्थियों तक शत-प्रतिशत लाभ पहुंच रहा है। इस अवसर पर श्रम मंत्री ने विभिन्न योजनाओं के 10 लाभार्थियों को कार्ड और प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया।

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