Tuesday, April 28, 2026
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अतिक्रमण और जाम से हाफ रहे बाइपास के एंट्री प्वांइट

  • अतिक्रमण भी जाम की मुख्य वजह, जिम्मेदार नहीं कर रहे कोई प्लानिंग

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर के एंट्री प्वाइंट पर ही ट्रैफिक व्यवस्था लचर हैं। एंट्री प्वांइट पर जाम नहीं लगे, इसके लिए कोई मजबूत व्यवस्था नहीं तो नगर निगम कर पा रहा है और नहीं मेडा। पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में लगी तो हैं, लेकिन वो कैसा ट्रैफिक संभाल रही हैं, ये सब जगजाहिर हैं। धरातल पर शहर के एंट्री प्वांइट सुधारने की दिशा में कोई काम नहीं हो रहा हैं। जिम्मेदार अफसर ही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधि भी शहर की एंट्री को शानदार बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।

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अभी तक जनप्रतिनिधियों की भी कोई मीटिंग अफसरों के साथ नहीं हुई हैं। फिर ऐसे कैसे सुधरने की शहर की खराब एंट्री की दशा। एनएच-58 तो तैयार कर लिया गया था, लेकिन एंट्री प्वांइटों को लेकर किसी ने गंभीरता से नहीं सोचा, तभी तो यहां पर हर रोज जनता जाम से जूझती रहती हैं। बड़े-बड़े ट्रक (घोड़े) यहां से ठीक से टर्न भी नहीं ले पाते हैं। अब रही सही कसर पूरी कर दी हैं, अतिक्रमण ने। अतिक्रमण के चलते भी सड़क संकरी हो गई हैं।

बागपत बाइपास पर पहले तो एंट्री प्वांइट इतना अच्छा नहीं हैं। फिर इस पर ग्रहण लगा देते हैं थ्री व्हीलरों व बसों की सड़क पर ही खड़ी कर यात्रियों को उतारना और फिर चढ़ाना। ऐसे में यहां जाम लग जाता हैं। यही नहीं, सड़कों पर भी लोगों ने ठेले लगा दिये हैं। ठेलों को पुलिस भी नहीं हटाती और नगर निगम ने तो आंखें ही मंूद रखी हैं। दुकानों के अस्थाई शेड बना दिये गए हैं। ये शेड कैसे बन गए? सड़क पर पहले ठेला खड़ा कर दिया जाता हैं, फिर उसके बगल में कार पार्क कर दी जाती हैं।

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इस तरह से जाम लग जाता हैं। दिन ढलते ही यहां पर जाम टकराने लगते हैं। हुडदंग की स्थिति पैदा हो जाती हैं। ये हर रोज हो रहा हैं। इसी तरह से रोहटा बाइपास की हालत हैं। यहां भी सड़कों के किनारे पर फलों की दुकान लगा दी गई हैं। वो सड़क तक फैला दी हैं। इस तरह से सड़क तो चौड़ी बनाई, लेकिन ठेले वालों और फड लगाने वालों ने संकरी कर दी हैं। इसी वजह से रोहटा बाइपास भी जाम के जंजाल में फंसा हुआ हैं। ये भी शहर का एंट्री प्वांइट हैं।

यहां जाम की समस्या से गैर राज्यों से आने वालों को बेड इम्प्रेशन पड़ रहा हैं। इसको भी अधिकारी नहीं देख रहे हैं। टैÑफिक पुलिस तो लगाई गयी हैं, लेकिन ट्रैफिक पुलिस गैर राज्यों की गाड़ियों को रोककर उनसे वसूली करने में ही मशगूल रहती हैं, जिसका संदेश गलत जा रहा हैं। सरधना बाइपास की तो हालत और भी खराब हैं। सबसे ज्यादा जाम यहीं पर लगता हैं। यू-टर्न नंगलाताशी के सामने दिया गया हैं, लेकिन उससे पहले ही लोग वाहनों को निकालते रहते हैं। ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं होता।

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हर रोज जाम लगना यहां आम बात हो गई हैं। ऐसा तब है, जब ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती रहती हैं। ठेले भी यहां सड़क किनारे खड़े कर दिये गए हैं। इस वजह से भी जाम लगता हैं। शराब की दुकान भी यहीं पर खुली हैं, जिसके चलते लोग वाहनों की सड़क पर पार्किंग कर शराब की दुकान पर पहुंच जाते हैं, जिससे जाम लगा रहता हैं। ट्रैफिक पुलिस भी मूकदर्शक बनी रहती हैं। फिर शहर के ये तीनों एंट्री गेट हैं, इनका डिजाइन ठीक से इंजीनियरों ने नहीं किया, जिसके चलते यहां सबसे बड़ी जाम की समस्या पैदा हो गई हैं।

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