- किसानों ने कहा उनकी साथ जबरदस्ती हुई तो परिवार समेत करेंगे आत्मदाह
जनवाणी संवाददाता |
ख़तौली: रेलवे विभाग द्वारा किसानों की भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिलने का मामला गरमाता जा रहा है। तीन दिन पूर्व प्रसाशनिक अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर किसानों के साथ बैठक कर उन्हें रेलवे को उनकी भूमि पर कब्जा देने की बात कही थी।
रविवार को उक्त मामले को लेकर किसानों की एक पंचायत गांव भैसी में हुई जहां किसानों ने कहा कि जब तक प्रशासन उनकी भूमि का उचित मुआवजा नही देगा तब तक किसान डीएफसीसी को भूमि पर कब्जा नही देंगे। अगर, उनके साथ जबतदस्ती की गयी तो किसान आत्मदाह करने से पीछे नहीं हटेंगे।
सालों पूर्व डीएफसीसी द्वारा रेलवे के लिये रेलवे ट्रैक के समीप पड़ने वाली किसानों की भूमि को अधिग्रहण किया गया था। जिसका रेलवे विभाग ने किसानों को भूमि का उचित मुआवजा देने का भी आश्वशन दिया था। मगर, ना तो आज तक किसानों को उनकी भूमि का मुआवजा मिला और न ही किसानों की अन्य समस्याओं का समाधान हुआ। बल्कि किसानों ने कई बार किसान संगठन के बैनर तले रेलवे ट्रैक पर चल रहे कार्य को रोकवा दिया।
ठेकेदारों की मशीनों को कब्जे में लेकर रेलवे विभाग से मुआवजे की मांग की मगर, फिर भी किसानों का मामला ठंडे बस्ते में रहा। इसी समस्या को लेकर रेलवे ट्रैक पर महीनों से कोई कार्य नही हुआ।
शुक्रवार को उक्त भूमि पर डीएफसीसी को कब्जा दिलाने के लिये अधिकारियों की फ़ौज गांव मढ़कारिमपुर में गयी थी। जहां अधिकारियों ने किसानों को समझाते हुए उन्हें दो दिन में भूमि पर रेलवे विभाग को कब्जा देने की बात कही थी। अधिकारियों ने किसानों से कहा था।
अपनी भूमि को दो दिन में खाली कर दे। रेलवे उक्त भूमि पर अपना कार्य शुरू करेगा। वही उक्त मामले को लेकर रविवार को गांव भैसी में भाकियू तोमर ब्लाक अध्यक्ष विशाल अहलावत के आवास पर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की एक पंचायत हुई।
किसानों ने एक सुर में कहा कि वह अपनी जमीन पर तब तक कब्जा नही देंगे जब तक उन्हें भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिल जाता। किसानों ने कहा कि अगर प्रसाशन ने उनकी साथ जोर जबरदस्ती की तो सभी किसान अपने परिवार समेत भूमि पर आत्मदाह करेंगे।
भाकियू तोमर अध्यक्ष विशाल ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले से राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर को अवगत करा दिया है। भाकियू तोमर पूरी तरह किसानों की साथ खड़ी है। शोषण किसी भी कीमत पर बर्दास्त नही करेगी।

