Sunday, June 13, 2021
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कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने भरी हुंकार, काला दिवस मनाया

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  • प्रधानमंत्री के पुतले फूंके, जमकर की नारेबाजी, कहा-पीछे कदम नहीं हटेंगे

जनवाणी टीम |

सहारनपुर: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों की मुखालफत जारी है। बुधवार को किसानों के विभिन्न संगठनों ने काला दिवस मनाया। केंद्र सरकार के विरद्ध नारेबाजी की। काली पट्टी बांधकर रोष का इजहार किया।
बता दें कि भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर बुधवार को जनपद में कई जगहों पर किसानों ने प्रदर्शन किया। भाकियू बेदी ने नुमाइश कैंप में इकट्ठा होकर काली पट्टी बांधकर केंद्र के कृषि कानूनों की मुखालफत की।

इस दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की गई। हमारे गागलहेड़ी प्रतिनिधि के मुताबिक गांव चोरादेव में किसानों ने केंद्र सरकार का पुतला दहन कर काले झंडे लगाकर विरोध जताया। सरकार के खिलाफ तानाशाही की भी बात कही। बुधवार को गांव चोरा देव में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के तहसील अध्यक्ष अनूप सिंह ने नेतृत्व में किसानों ने काला दिवस मनाकर पुतला दहन किया व काले झंडे दिखाकर विरोध जताया।

तहसील अध्यक्ष अनूप सिंह ने कहा कि काले कानून जब तक वापस नहीं होंगे तब तक किसान आंदोलन से वापस नहीं होंगे। जब भी जरूरत पड़ेगी किसान गांव से आंदोलन तक पहुचेंगे। इस दौरान नरेश यादव, अंकुल यादव, रोहतास, बिट्टू, गौरव, अंकुश, अमित आदि मौजूद रहे।

गंगोह संवाददाता के मुताबिक, बुधवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव में दिल्ली आंदोलन के छह माह पूरे होने पर काला दिवस मनाया। इस अवसर पर किसानों ने काली पट्टी बांध कर अपनी नाराजगी भी व्यक्त की। गंगोह क्षेत्र के गांव उमरपुर में भाकियू के पदाधिकारियों और कार्यकतार्ओं ने तहसील अध्यक्ष चैधरी देशपाल सिंह के नेतृत्व में 26 मई के दिन को काले दिवस के रूप में मनाया गया है जिसमें किसानों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

इस मौके पर तहसील अध्यक्ष चैधरी देशपाल सिंह ने बताया कि आज किसान आंदोलन को 6 माह हो गये है और दिल्ली बार्डर पर लगभग 500 किसान शहीद हो गये है पर सरकार किसानो को अनसुना कर रही है। इसलिए राष्ट्रीय आह्वान पर केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर तीनो काले कानून कि प्रतिलिपि जलाई गयी और केन्द्र सरकार का पुतला दहन किया गया।

मकानों पर काले झंडे भी लगाए गए। गंगोह के मोहल्ला गुलाम औलिया में काली पट्टी बांध कर व काले झंडे लेकर रोष व्यक्त किया। इस मौके पर ब्लाक अध्यक्ष बृजपाल सैनी, नगर अध्यक्ष मेहरबान कुरैशी, नगर उपाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा, चरणसिहं, विकास कुमार, अरविंद कुमार, रमेश चंद, कृष्ण पाल, हरबीर सिंह, प्रमोद कुमार, आरव चैधरी, राजेश कुमार, सतीश कुमार आदि लोग थे।

इसके अलावा गांव-गांव में 26 मई के दिन को काले दिवस के रूप में मनाया गया। बिहारीगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक दिल्ली बॉर्डर पर किसान विरोधी कृषि बिलों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के धरने को पूरे 6 महीने हो गए हैं लेकिन केंद्र की सरकार ने आज तक भी किसानों की बातों को नहीं सुना।

इसीलिए आज धरने को 6 महीने पूरे होने पर आज के दिन को काला दिवस के रूप में ग्राम मनोहरपुर के कार्यकतार्ओं ने ब्लॉक अध्यक्ष बबली कांबोज ब्लॉक उपाध्यक्ष राजकुमार राणा व नगर अध्यक्ष डॉ रणधीर सैनी के नेतृत्व में भारतीय किसान यूनियन के कार्यालय पर काला दिवस मनाया।

इसमें मुख्य रूप से ब्लॉक मुजफ्फराबाद अध्यक्ष बबली कांबोज उपाध्यक्ष राजकुमार राणा नगर अध्यक्ष बिहारीगढ़ डॉ रणधीर सैनी, तनवीर, असलम, गुफरान, अंकित, नरेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह, वीरम सिंह राठौर, नरेश कुमार, संजय कंबोज, सरदार कुलवंत सिंह, सतीश कुमार, मास्टर देवेंद्र कुमार मास्टर हेमराज आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे। रामपुर संवाददाता के मुताबिक भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के मंडल महासचिव के नेतृत्व में कार्यकतार्ओं ने कृषि बिलों के खिलाफ नारेबाजी की और काला दिवस मनाते हुए प्रधानमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। बुधवार को भाकियू मंडल महासचिव चौधरी जगपाल सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता हाथों में काले झंडे लेकर केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पर पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन एसडीएम एस एन शर्मा को सौंपा।

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