- दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक गेहूं की पछेती किस्म की किसान कर सकते हैं बुवाई
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि के प्रोफेसर डा. आरएस सेंगर के अनुसार गेहूं की पछेती किस्म की बुवाई के लिए ये समय अच्छा है। जो कि सान अपने खेत में गन्ने की कटाई करने के बाद गेहूं की पैदावार लेना चाहते हैं। वह दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक गेहूं की पछेती किस्म की बुवाई कर सकते हैं।
कुछ किसान जिंहोने आलू की अगेती बुवाई की थी और उनसे खेत में आलू की किस्म तैयार हो गई है एवं कुछ लोगों ने सब्जियों की फसल बोई थी साथ ही सब्जी मटर की खेती की गई थी। वह भी इन फसलों को बाजार में बेचने के उपरांत खेत खाली करके गेहूं की पछेती किस्मों की बुवाई कर सकते हैं।
इससे उनको उसके अनुकूल उत्पादन अच्छा प्राप्त होगा। केवल इस बात का ध्यान रखना है कि वह गेहूं की क्षेत्र के अनुसार अनुमोदित पछेती किस्मों को ही बोए यदि वह समय से बुवाई करने वाले गेहूं की प्रजातियों की बुवाई करते हैं तो वह उनको उत्पादन कम प्राप्त होगा।

डा. सेंगर के अनुसार लेकिन यदि पछेती किस्मों का चुनाव करते हैं और इसमें इस बात का भी ध्यान रखे जो नई किस्म बाजार में उपलब्ध है। उनको जहां तक संभव हो। वो अपने पुराने बीज को बदलकर नए बीज का उपयोग करे। वैज्ञानिकों द्वारा बताई गई खाद की निर्धारित मात्रा को खेत को तैयार करते समय एवं बुवाई करते समय प्रयोेग में लाए। जिससे संतुलित मात्रा में पौधों को पोषण मिल सके।

