- मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और नोएडा बड़े बकायेदारों की सूची में शामिल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बिजली के छोटे बकायेदार उपभोक्तओं पर महकमे का हंटर खूब चलता है। छोटी धनराशि के बिलों पर उनकी आपूर्ति को बाधित कर दिया जाता है, मगर सरकारी विभागों पर विभाग का करोड़ों रुपया बकाया है। जिसकी कोई सुध लेना वाला नहीं है। लगातार पत्राचार के माध्यम से विभागों को धनराशि जमा कराने के लिए कहा जा रहा हैं, लेकिन किसी विभाग की बिजली आपूर्ति को बाधित करने का साहस महकमा नहीं जुटा पा रहा है।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत वेस्ट यूपी के 14 जिले आते हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक इनमें मेरठ और सहारनपुर व नोएडा जनपद के सरकारी विभाग बिजली के बड़े बकायेदारों की सूची में भी टॉप पर है। हालांकि सभी 14 जनपदों में बिजली विभाग की करोड़ों रुपये के राजस्व की देनदारी है। मेरठ में सबसे अधिक 3179.25 लाख रुपये का बकाया है, वहीं दूसरे स्थान पर सहारनपुर है। जिस पर देनदारी 1878.52 लाख रुपये हैं, तीसरे पायदान पर मुरादाबाद जनपद है। जहां के सरकारी विभागों पर 1877.77 रुपये के बिजली बिल की देनदारी है।
जिला बकाया (लाख में)
मेरठ 3179.25
सहारनपुर 1878.52
मुरादाबाद 1877.77
नोएडा 1709.65
गाजियाबाद 1559.49
मुजफ्फरनगर 1304.16
बुलंदशहर 1135.13
रामपुर 908.11
बागपत 835.86
हापुड़ 748.37
बिजनौर 726.34
संभल 490.16
शामली 410.89
अमरोहा 381.71
कुल योग 17145.41
नोट: ये आंकड़े 14 मार्च 2022 तक के है।

