Saturday, May 25, 2024
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जिंदगी से जंग लड़ रहे जैन को ‘फरिश्ते’ का इंतजार

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  • एसएमए टाइप-1 बीमारी से पीड़ित है मेरठ का यह बच्चा, दुर्लभ बीमारी
  • जिंदगी की कीमत साढ़े 17 करोड़, परिजनों को शासन से बड़ी उम्मीद

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: 10 माह पहले एक बच्चा अपनी मां की कोख से बाहर आता है। बच्चे का हंसता और खिलखिलाता चेहरा देख मां बाप भी खुदा का शुक्र अदा करते नहीं थक रहे थे। मुबारकबाद का सिलसिला जारी था कि तभी अचानक घर में सन्नाटा पसार जाता है, जब इस बच्चे के मां-बाप को पता चलता है कि उनके जिगर के टुकड़े को एक ऐसी बीमारी है

जिसकी कीमत अदा करना उनके बूते से बाहर है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बच्चे की ख्वाहिश के लिए उन्होंने बारगाह ए इलाही में हाथ फैलाकर दुआएं मांगी थी। खुदा के सामने सजदे में झुक कर मिन्नते की थीं, अब उसी नन्हे से बच्चे की जिंदगी की सलामती के लिए मां-बाप के हाथ फिर खुदा की बारगाह में उठे हुए हैं।

दरअसल, इस बच्चे को एक ऐसी बीमारी ने जकड़ लिया है जिससे निजात की कीमत करोड़ों में है।आॅल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट आॅफ साइंस (एम्स) के चिकित्सकों ने इस बच्चे को स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी (एसएमए-टाइप 1) से ग्रसित घोषित किया है। यह एक बेहद दुर्लभ बीमारी है और यह बीमारी हजारों लाखों बच्चों में से किसी एक को होती है। बदकिस्मती से ये जैन को लग गई। जैन 10 माह की उम्र में जिंदगी से जंग लड़ रहा है। मां-बाप भी परेशान है।

चिकित्सकों के अनुसार यदि इस बच्चे को इस बीमारी से निजात दिलानी है तो इसको एक ऐसा इंजेक्शन लगाना होगा जिसकी कीमत ही साढ़े 17 करोड़ रुपये हैं। हर बच्चा मां-बाप को अपनी जान से ज्यादा अजीज होता है और वह अपनी जान तक बच्चे पर निछावर करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, लेकिन जैन की जान बचाने के लिए वह इस वक्त बेबस हैं। वजह इसकी वजह है पैसे की तंगी। यकीनन साढ़े 17 करोड़ रुपये खर्च करना एक मिडिल क्लास फैमिली के लिए बूते से बाहर की बात है,

लेकिन बच्चे की जान बचाने के लिए जैन के पिता कभी इस दर तो कभी उस दर सिर्फ इसी उम्मीद से भटक रहे हैं कि शायद कोई फरिश्ता आए और उनके बच्चे की जिंदगी बक्शने की वजह बन जाए। हापुड़ रोड स्थित किदवई नगर निवासी मोहम्मद दिलशाद इस बच्च के पिता हैं, जिन्होंने सांसद राजेंद्र अग्रवाल के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को अपनी आप बीती बताई है।

इसके अलावा देश के बड़े उलेमाओं के जरिए भी उन्होंने लोगों से दर्दमंदाना अपील की है। बच्चे की मासूमियत पर हर कोई फिदा है। पूरा मोहल्ला बच्चे की सलामती के लिए दुआएं मांग रहा है। परिजनों ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल से अपील की है कि वह पीएम केयर फंड से उनकी मदद करवा दें ताकि उनके बच्चे को नई जिंदगी मिल जाए और परिवार को खुशियां।

बच्चे के मां-बाप को अब उस फरिश्ते की तलाश है जो उनके चांद से बेटे की जिंदगी जीने का जरिया बन जाए। स्थानीय लोग जहां बच्चे की जिंदगी के लिए दिन रात दुआएं कर रहे हैं वहीं सऊदी अरब की पाक सर जमीन पर भी इस बच्चे की जिंदगी की सलामती के लिए दुआओं का दौर जारी है।

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