- ट्रांसपोर्टरों और ई-रिक्शा आपरेटरों की एसपी ट्रैफिक ने ली बैठक
- एसपी की हिदायत, कांवड़ यात्रा में शराब पीकर गाड़ी न चलाएं
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर की सीमा में पड़ने वाला कांवड़ यात्रा मार्ग दो हजार सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगा। कांवड़ यात्रा तैयारियों को लेकर पुलिस एक्शन मोड में आ गयी है। इसी क्रम में गुरुवार को एसपी ट्रैफिक ने शहर के ट्रांसपोर्टरों, ई-रिक्शा आॅपरेटरों व पेट्रोल पंप मालिकों के साथ भी मीटिंग की। पुलिस की ओर से ट्रक व ई-रिक्शा आॅपरेटरों को हिदायत दी गयी। एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र मिश्रा ने उनसे पूर्व के सालों में बरती जाने वाली व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उसके बाद उन्हें यह बताया ग्ांया कि इस साल क्या-क्या एहतियाती उपाय करने हैं।
साथ ही यह भी हिदायत दी गई कि इस बात का खास ध्यान रखा जाए कोई भी दुर्घटना न हो। उन्हें यह भी समझाया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान माहौल सामान्य दिनों के माहौल से एक दिन उलट होता है, इसलिए तमाम वाहन चालक खासतौर से ट्रक चालक इस बात का ध्यान रखें कि उनकी वजह से कहीं भी कोई दुर्घटना न हो। कांवड़ यात्रा मार्ग पर दर्जन भर पेट्रोल पंप पड़ते हैं। यात्रा के मद्देनजर उन्हें जरूरी हिदायतें दी गयीं। ट्रक व ई-रिक्शा आॅपरेटरों से कहा गया है कि वो इस बात की गारंटी लें कि उनके ट्रक व ई-रिक्शा चालक शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाएंगे। कांवड़ यात्रा के चलते 22 जुलाई से भारी वाहनों पर रोक लगा दी जाएगी।
यह रोक वैसे 21 जुलाई की अर्द्धरात्रि से लागू कर दी जाएगी। इस दौरान इस बात का खास ख्याल रखा जाएगा कि चालक शराब का सेवन न करें। क्योंकि हादसे का एक बड़ा कारण नशा होता है। जब भी चालक ट्रक को कहीं बीच रास्ते में रोकने के बाद दोबारा सफर शुरू करें तो आगे पीछे यह जरूर देख लें कि कोई कांवड़ियां वहां बैठा या सोया तो नहीं है। रोड साइड से काफी हटकर ट्रक को खड़ा किया जाए। इसके अलावा चालकों से यह भी कह दें कि कम से कम पांच दिन का र्इंधन रिजर्व रखें। वाहन बाएं साइड ही चलाया जाए।
शालीनता से आएं पेश
एसपी ट्रैफिक ने ई-रिक्शा आपरेटरों को हिदायत व नसीहत दोनों देते हुए कहा है कि यात्रा के दौरान कांवड़ियों से शालीनता से पेश आएं। किराए की रकम को लेकर कोई झगड़ा न करें। ई-रिक्शा की दाहिनी साइड बंद रखें, केवल बाएं साइड से ही उतरें। साथ ही ई-रिक्शा में लाउड म्युजिक सिस्टम उतार दिए जाएं। ई-रिक्शा को रोकने के बाद ही कांवड़ियों को उतारें। चलते वाहन से कांवड़ियां न उतरें, उससे कांवड़ के खंडित होने की आशंका रहती है।
डीएम की जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ बैठक
मेरठ: आगामी कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत गुरुवार को सीसीएसयू के बृहस्पति भवन में जिलाधिकारी दीपक मीणा द्वारा जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ बैठक आहूत की गई। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि समस्त अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र का भ्रमण कर लें। समस्त अधिकारी अपने क्षेत्र की सड़क, स्ट्रीट लाइट की स्थिति देख लें तथा अपने क्षेत्र के एसडीएम, एसओ, सीओ, इंस्पेक्टर, शिविर संचालक तथा अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित अधिकारी के संपर्क में रहे। शिविर सड़क से दूर लगाये जाये तथा शिविर में चिकित्सा शिविर व अन्य व्यवस्थाओं को देख लिया जाये। यह भी सुनिश्चित किया जाये कि शिविर संचालक द्वारा शिविर की परमिशन ले ली गई है। ड्यूटी क्षेत्र के मार्ग में पडने वाले ट्रांसफार्मर, विद्युत पोल व बिजली के तार देख लिये जाये, यदि उनसे दुर्घटना की आशंका हो तो संबंधित को सूचित कर दिया जाये।
रूट डायवर्जन की जानकारी प्राप्त करें तथा सीसीटीवी कैमरे अधिक से अधिक क्षेत्र को कवर करें यह सुनिश्चित कर लिया जाये। अपने क्षेत्र के पीएचसी, सीएचसी की जानकारी करते हुये एंटीवेनम की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाये। यह भी सुनिश्चित कर लिया जाये कि कांवड़ यात्रा मार्ग में गूलर व झाड़ी न हो। शिविर संचालको को शिविर में प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबंध की जानकारी उपलब्ध कराई जाये। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ड्यूटी के दौरान अपने-अपने क्षेत्र में सतर्क एवं भ्रमणशील रहे। इस अवसर पर सीडीओ नूपुर गोयल, अपर जिलाधिकारी नगर बृजेश सिंह, नगर मजिस्ट्रेट अनिल कुमार, एसडीएम सरधना पंकज प्रकाश राठौर, जिला विकास अधिकारी अम्बरीष कुमार, बीएसए आशा चौधरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी व जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट उपस्थित रहे।

