Wednesday, June 16, 2021
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हम लोग एक होकर अपने धर्म के अनुरूप चलें: आचार्य ललीतानन्द

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जनवाणी संवाददाता |

हरिद्वार: शाक्त अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष आचार्य ललीतानन्द महाराज ने अपील कि है की हमारे जो भी हिंदू भाई हैं अपने मां-बाप को छोड़ कर दूसरे को मां-बाप को अगर मानोगे तो कहीं ना कहीं आपको कष्ट होगा।  हमारे पास प्रत्यक्ष देवता हनुमान जी हैं।

मां भगवती चंडी दुर्गा देवी हैं क्योंकि जब भी देवी देवताओं को विपत्ति आई परेशानी आया तो उसके समाधान के लिए सभी देवी-देवता मां भगवती की स्तुति की है और उस मां भगवती की स्तुति को छोड़ कर के अगर हमारे जो भी मांगते हैं अन्य धर्म के पास जा कर के अपना शरण मानते हैं।

दुर्गा सप्तशती में आया है कि यंग यंग चिंतित एका बम तम तम प्रकृति निश्चित हनुमान जी के लिए कहा गया है। संकट मोचन पवन तनय संघ है अतुलितबलधामं है संकट को दूर करने वाले हैं उनको छोड़कर के भगवान शिवजी हे देवाधिदेव महादेव उनकी स्तुति अगर सही सलामत किया जाए तो मरे हुए आदमी मरने के कगार पर जो आती है वह भी 8 घंटा तक जिंदा रह सकता है।

हम अगर अन्य धर्म के तरफ जा कर अपना रोना रोते हैं तो शत्रु का काम क्या है कि वह जानता है कि यह आदमी का पावर नहीं है इसलिए वह आपके लिए कभी भी व्यंग बोल सकता है कभी भी आप को प्रताड़ित कर सकता है हमारे हिंदुत्व का सनातन धर्म का है इससे हरा होता है इसलिए सभी से अनुरोध है कि यह हिंदुत्व समाप्त न किया जाए सनातन धर्म को हरा स्नान किया जाए अच्छा यही होगा कि हम लोग एक होकर के अपने- अपने धर्म के अनुरूप चलें।


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