- अभिभावक गांवों के स्कूलों और प्रधानों को खुद दान कर सकते हैं पुरानी किताबें
- विकास भवन में भी बनाया गया है बुक बैंक
- कक्षा एक के बाद सभी कक्षाओं की किताबें दे सकते हैं अभिभावक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ग्रामीण परिवेश के बच्चों का भविष्य सुधारने के उद्देश्य से प्रशासन की ओर से प्रत्येक ग्राम पंचायत में लाइब्रेरी बनाई जा रही है। जिसमें सभी प्रकार की किताबों को रखा जाता है। अब अगर आप भी अपने बच्चों के साथ ग्रामीण तबके के बच्चों का भविष्य बनाना चाहते हैं। आप भी उसमें अपना योगदान अपने बच्चों की पुरानी किताबों को देकर कर सकते हैं। अपनी कक्षा एक समेत सभी छोटी कक्षाओं के बच्चों की किताबों को गांवों में ग्राम प्रधानों या विकास भवन में बनी पुस्तक बैंक में जमा करा सकते हैं जिनका मुफ्त वितरण किया जायेगा।

गांवों में युवाओं को अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य दिये जाने के प्रयास लगातार जारी है। गांवों में ओपन जिम बनवाये जा रहे हैं तो गांवों में शिक्षा का ध्यान रखते हुए ग्राम पंचायत में लाइबे्ररी भी बनाई जा रही है। जिससे ग्रामीण तबके के युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। इन लाइबे्ररी में किताबें पहुंचाने की जिम्मेदारी अधिकारियों की हैं। इसके लिसे विकास भवन में बुक बैंक भी बनाया गया है। 100 से अधिक ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी का शुभारंभ हो चुका है आधा से ज्यादा में कार्य चल रहा है, जोकि जल्द ही शुरू हो जाएंगी। अब छोटे बच्चों की पढ़ाई के लिये भी किताबें पहुंचार्इं जायेगी।
छोटे बच्चों को भी मिलेंगी किताबें
प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किये जा रहे हैं कि छोटे बच्चों को भी अच्छी शिक्षा मिल सके। ग्रामीण अपने बच्चों को बड़े स्कूलों में दाखिला नहीं दिला पाते हैं, लेकिन अब आप खुद उन ग्रामीण बच्चों को बड़े स्कूलों की जैसी पढ़ाई मुहैया करा सकेंगे। अगर आप अपने छोटे बच्चे प्राइमरी, कक्षा एक से लेकर किसी भी कक्षा के बच्चों की किताबों को अगर दान करना चाहते हैं तो आप खुद किसी भी गांव में जाकर उस गांव के ग्राम प्रधान या ग्राम पंचायत में जाकर वह किताबें दान दे सकते हैं।
अगर आपके पास गांव जाने का समय नहीं है तो आप विकास भवन स्थित बुक बैंक में भी किताबें दान दे सकते हैं। जिन्हें गांव में पहुंचाया जायेगा। मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी ने बताया कि अगर आप खुद गांव नहीं जा सकते हैं तो विकास भवन में बुक बैंक में किताबें दान कर सकते हैं। इन किताबों से गरीब बच्चों को अच्छी पढ़ाई मुहैया हो पायेगा।

