Thursday, August 18, 2022
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutशहीद हवलदार अनिल तोमर को दी गई अश्रुपूर्ण विदाई

शहीद हवलदार अनिल तोमर को दी गई अश्रुपूर्ण विदाई

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  • देर रात अंतिम संस्कार, अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ/मुंडाली: बड़ी सियासी सभाओं के लिए विशेष पहचान रखने वाला ठाकुर बारह के सिसौली का पीआरडी मैदान एक बार फिर भीड़ की मौजूदगी का गवाह बना, लेकिन इस बार भीड़ जुदा अंदाज में थी। एक तरफ मैदान में बजते देशभक्ति गीतों की धुन पर लोग फख्र महसूस कर रहे थे तो दूसरी ओर सिसौली का बंद बाजार और सूनी गलियां लाडले की शहादत पर मातम करती प्रतीत हो रहीं थीं। शहीद का गांव और घर गर्व व गम का संगम बना रहा। रात में गांव पहुंचे शहीद हवलदार के पार्थिव शरीर का देर रात निजी भूमि पर पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

मेरठ का सिसौली निवासी अनिल तोमर पुत्र भोपाल सिंह 44वीं राष्ट्रीय रायफल्स शोपियां एवं पुलवामा जम्मू कश्मीर में घातक प्लाटून हवलदार के पद पर तैनात था। फिलहाल क्विक रिस्पांस टीम के कमांडर की जिम्मेदारी संभाल रहा 23 राजपूताना यूनिट हवलदार 26 दिसंबर की शाम को दक्षिणी कश्मीर के कनीगाम में मुठभेड़ के दौरान दो आतंकियों को ढेर कर साथी सहित गंभीर घायल हो गया था।

नाजुक स्थिति के चलते उसको फौरन श्रीनगर के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां सोमवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। आतंकी हमले में बेटे के घायल होने की खबर पहले ही पाए बैठे हवलदार अनिल के परिजनों को सोमवार सुबह जब उसकी शहादत की सूचना मिली तो परिवार सहित पूरे गांव में मातम पसर गया।

शहीद के परिजनों को सौंपा 50 लाख का चेक

मुख्यमंत्री द्वारा गांव सिसौली तहसील मेरठ निवासी शहीद अनिल तोमर के परिजनों को गन्ना मंत्री उत्तर प्रदेश सुरेश राणा द्वारा राजेंद्र अग्रवाल सांसद तथा विधायक किठौर सत्यवीर त्यागी की उपस्थिति में 50 लाख रुपये का चेक शहीद के पिता को सौंपा गया। बताया गया कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा एक सड़क का नामकरण शहीद के नाम पर किया जाएगा।

पार्थिव शरीर देखते ही उमड़ा गम का सैलाब

रात लगभग 9:30 बजे शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए हुजूम उमड़ पड़ा। शहीद के पिता भोपाल सिंह, मां कुसुम, पत्नी मीनू के साथ उनकी बेटी तान्या और बेटे लक्ष्य का रो-रोकर बुरा हाल था। बेटे की शहादत पर परिजनों का बिलखना देख मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई।

करीब 10:45 पर अंत्येष्टी स्थल पर पहुंचे शहीद को सर्वप्रथम गन्ना मंत्री सुरेश राणा, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यवीर त्यागी ने फिर आर्मी सैनिकों ने उसके बाद यूपी पुलिस ने गार्ड आॅफ आॅनर दिया। तत्पश्चात शहीद के इकलौते बेटे लक्ष्य ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान भारी हुजूम उमड़ा रहा।

श्रीनगर की बर्फबारी ने जमा दिए इंतजार के लम्हे

मंगलवार को दिन निकलते ही सिसौली और आसपास के किसानों, नौजवानों, रिश्तेदारों के अलावा जनप्रतिनिधियों और अफसरों की आवाजाही के साथ पार्थिव शरीर के पहुंचने की प्रतीक्षा होने लगी। श्रीनगर सैन्य सूत्रों ने मौसम साफ होने के साथ ही पार्थिव शरीर शीघ्र दिल्ली लेकर पहुंचने की खबर दी।

गांव में चौपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक

सोमवार शाम शहीद के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे सीओ ब्रजेश सिंह ने फोर्स तैनाती के निर्देश दे दिए थे। जिसके चलते मंगलवार को गांव के मुख्य मार्गों पर फोर्स तैनात कर दी गई। भीड़ के चलते गांव में चौपहिया वाहनों के प्रवेश पर भी पाबंदी रही।

पार्थिव शरीर देखते ही उमड़ा गम का सैलाब

शहीद हवलदार अनिल तोमर का पार्थिव शरीर देर शाम गांव पहुंचते ही परिवार में गम का सैलाब उमड़ पड़ा। शहीद की मां कुसुम, पत्नी मीनू जहां बेसुध हो गईं वहीं बेटी तन्या और बेटे लक्ष्य का भी रो-रोकर बुरा हाल था। शहीद के परिजनों की गमजदा स्थिति देख मौके पर मौजूद हर आंखें नम थी।

शहीद परिवार को सांत्वना देने पहुंचे गणमान्य

पार्थिव शरीर के इंतजार में दरवाजे पर टकटकी नजर लगाए बैठे शहीद हवलदार के परिजनों के सांत्वना देने वालों का दिनभर तांता लगा रहा। जनप्रतिनिधियों राज्यसभा सांसद विजयपाल सिंह तोमर, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यवीर त्यागी, जिला पंचायत सदस्य सतपाल सिंह के अलावा डीएम के़ बालाजी, एसएसपी अजय साहनी, एडीएम प्रशासन, एसपी देहात केशव कुमार, एसडीएम सदर संदीप कुमार, एसडीएम मवाना कमलेश कुमार गोयल, तहसीलदार शिल्पा, सीओ किठौर ब्रिजेश सिंह ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।

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