- बड़ौत में रालोद के जिलाध्यक्ष समेत पूर्व विधायकों ने प्रेसवार्ता कर लोगों को दिल्ली जाने का किया आह्वान
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: दिल्ली में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब के किसानों के कूच को देखते हुए जिले के कई किसान संगठन भी दिल्ली में उनके सहयोग के लिए यहां से कूच कर गए। ऐसे में रालोद नेताओं में भी उन्हें देखते हुए उबाल आ गया। झटपट बड़ौत के पार्टी कार्यालय पर रालोद जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह गठीना ने प्रेस वार्ता बुला ली। इसमें खुद के लिए तो दिल्ली चलने की कोई बात नहीं बताई। लेकिन यह जरूर कह दिया कि लोग दिल्ली जाएं। उनकी बातों से ऐसा लगा कि जैसा जिले का हर व्यक्ति उनके ही कहने से चलता हो और उनके न कहने से रुक जाता हो।
शनिवार को नगर के पार्टी कार्यालय पर रालोद जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह गठीना के नेतृत्व में पूर्व विधायक डा. अजय तोमर, पूर्व विधायक डा. वीरपाल राठी, विश्वास चौधरी, एडवोकेट जयवीर तोमर, रामकुमार चेयरमैन, डा. इरफान मलिक, जमीरुद्दीन अब्बासी, जितेन्द्र कंडेरा आदि ने पत्रकारों को बुलाकर जिले के लोगों को दिल्ली कूच करने का आह्वान किया। इस प्रेसवार्ता में रालोद का क्या कदम होगा।
इस बारे में यह नेतागण कुछ नहीं बता पाए। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने बताया कि जो लोग दिल्ली जाना चाहते हों, वह जा सकते हैं। यहां यह सवाल है कि क्या जिले के लोग उनके बंधक हैं कि उनके कहने से ही वह जाएंगे। उनके मना कर देने से मना कर देंगे। यदि ऐसा होता तो शायद एक बार रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह और एक बार रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी लोकसभा का चुनाव क्यों हार गए?
रालोद नेताओं की प्रेसवार्ता का कोई औचित्य ही समझ में नहीं आया कि उनका मकसद क्या रहा है? प्रेसवार्ता में उनका दिल्ली कूच का आह्वान था तो वह इसमें लोगों को बुलाकर रणनीति बना सकते थे। वहीं रालोद के कई सक्रिय कार्यकर्ताओं ने प्रेसवार्ता के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली जाने का आह्वान किया। उन्हें दिल्ली ले जाने या दिल्ली चलने का आह्वान कर सकते थे। समझ में रही आ रहा है कि रालोद को किस तरह से यह नेता उठाने के प्रयास कर रहे हैं।

