Sunday, January 23, 2022
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HomeUttar Pradesh NewsSaharanpurमृदभांडों का नया शोध खोलेगा इतिहास के नए पृष्ठ

मृदभांडों का नया शोध खोलेगा इतिहास के नए पृष्ठ

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  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की शोध टीम ने सहारनपुर के पुरातात्विक स्थलों किया सर्वे
  • एक दर्जन से अधिक स्थलों से एकत्र किए गए पुरा मृदभांड

मुख्य संवाददाता |

सहारनपुर: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के रिसर्च स्कॉलर्स की टीम ने लगातार दो दिन जनपद सहारनपुर की विभिन्न पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान टीम ने जनपद से मृदभांड परम्पराओं से संदर्भित पुरातात्विक सामग्री को एकत्र किया।

एकत्र सामग्री का जल्द ही पुरातात्विक विश्लेषण किया जाएगा ताकि प्राचीन सामग्री आधारित यह नया सर्वे कुछ नए तथ्यों तक पहुंच सके। पूर्व समय में हुए सहारनपुर के पुरातात्विक सर्वे से लेकर आज तक वैज्ञानिक तरीकों में बहुत अंतर आया है। सर्वे के दौरान यह अनुमान लग रहा है कि सहारनपुर में मानवीय बसाव को लेकर इतिहास और अधिक पीछे जा सकता है।

पुरातात्विक टीम को मिले मृभांड।

सहारनपुर जनपद में पहुंचने पर जनपद की पुरातात्विक महत्व की स्थलियों तक पहुंचने के लिए रिसर्च स्कालर्स की टीम का सहयोग शोभित विश्वविद्यालय के विरासत, यूनिवर्सिटी हेरिटेज रिसर्च सेंटर के समन्वयक राजीव उपाध्याय यायावर ने किया। बीएचयू के पुरातत्व विभाग की इस पांच सदस्यीय टीम में सिरेमिक ट्ेडिशन आॅफ वेर्स्टन उत्तर प्रदेश विद स्पेशल रिफरेंस टू आमलगीरपुर विषय पर शोध कर रही उवर्शी सिंह, पुरातन पत्थर के उपकरणों की धार पर विशेषज्ञता रखने वाले डॉ ब्रजमोहन, विदिशा नगर के सांस्कृतिक अध्ययन पर शोध कर रहे धनंजय सिंह, प्राचीन भारतीय विज्ञान का इतिहास एवं धर्मपाल का वैज्ञानिक दृष्टिकोण विषय पर अध्ययन कर रहे अभय प्रताप सिंह, पीएचडी स्टूडेंट अनीषा शामिल रहे।

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