Wednesday, September 22, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutआपदा में अवसर: खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी

आपदा में अवसर: खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी

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  • सरसों के तेल का दाम पहुंचा 190, आम आदमी की पहुंच से दूर हो रही दाल
  • कोरोना ने तोड़ी लोगों की कमर, थोक में भी महंगा आ रहा सामान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोरोना के कारण जीवन अस्त व्यस्त हो चुका है। कोरोना ने लोगों को आर्थिक रूम से भी बर्बाद कर दिया है। बाकी कसर महंगाई ने निकाल दी है। बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। रसोई की सबसे अहम चीज सरसों का तेल ही 50 रुपये महंगा हो गया है। इस समय एक लीटर सरसों का तेल 190 रुपये का बिक रहा है। दालों और फलों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। बाजार पर कालाबाजारी पूरी तरह से हावी हो चुकी है।

कोरोना के कारण पहले ही लोगों के काम धंधे बंद पड़े हैं। पिछले साल मार्च में लॉकडाउन लगने के बाद लोगों के पास जो जमा पूंजी थी वह उसे खर्च कर चुके थे। व्यापार इससे सबसे अधिक प्रभावित हुआ। अभी लोगों की हालत सुधर ही रही थी कि फिर से लॉकडाउन लगने के बाद लोगों की आर्थिक स्थिती पूरी तरह से खराब हो चुकि है। लोगों का अपना घर चलाना तक मुश्किल हो गया है।

ऊपर से किराना की दुकान पर खाद्य पदार्थों के दामों में तेजी से वृद्धि हुई है जिसने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। शहर में छोटे बड़े सैकड़ों किराना स्टोर हैं। इन स्टोरों को लॉकडाउन में भी सुबह 11 बजे तक खोला जा रहा है। लॉकडाउन के आसार अप्रैल माह में ही नजर आने शुरू हो गये थे। जिसके कारण पूरे बाजार में कालाबाजारी चरम पर हुई।

बड़े सेठों ने खाद्य पदार्थों को स्टॉक करके रख लिया। जिसके कारण दालों व अन्य सामानों में इतनी तेजी आई कि अब आम आदमी की रसोई से दाल और राजमा जैसे खाद्य पदार्थ गायब होने लगे हैं। सेठों ने माल स्टॉक किया और अब मुंह मांगे दामों पर उन्हें थोक विक्रेताओं को बेचा जा रहा है। थोक विक्रेता भी दाम बढ़ाकर फुटकर में दुकानदारों को बेच रहे हैं जिस कारण इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ा है।

कोरोना के कारण पहले ही धंधे बंद पड़े हैं। ऊपर से अब दामों के दामों में 20 रुपये किलो, राजमा में 40 रुपये किलो और सरसों के तेल और रिफाइंड में तो 30 से 50 रुपये किलो तक का अंतर आया है। अगर जल्द ही इनके दाम कम न हुए तो हालात और भी खराब होते जाएंगे। किराना स्टोर संचालक सोनू गुप्ता ने बताया कि दालों और राजमा व छोले के रेटों में काफी अंतर आया है। पिछले एक माह में ही इनके दाम ऊपर चढ़े हैं। रिफाइंड और सरसो का तेज भी महंगा हुआ है।

सेब मिल रहा ” 250 किलो

खाद्य पदार्थों में किराना के साथ-साथ फलों के दामों में भी तेजी से वृद्धि हुई है। कोरोना काल में जहां लोग बीमारी के बाद बिस्तर से नहीं उठ पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें फलों का सेवन करने के लिये कहा जा रहा है। डॉक्टर भी अधिक से अधिक फल व पानी के लिये कहते हैं, लेकिन फलों के दाम आसमान छूते जा रहे हैं।

इस समय सेब ही 250 रुपये किलो तक बिक रहा है। जबकि आम 100 रुपये, खरबूजा 40 रुपये, अनार 120 रुपये किलो, तरबूज 20 रुपये किलो, पपीता 60 रुपये किलो और कीवी एक पीस 50 रुपये तक बिक रहा है। ऐसे में लोग मौसमी फलों का अधिक सेवन कर रहे हैं। जिसमें तरबूज सबसे अधिक खरीदा जा रहा है।

नारियल पानी की बढ़ी डिमांड, दाम पहुंचे 90 रुपये

कोरोना में नारियल पानी के लिये भी मारामारी मची है। बीमारी के दौरान नारियल पानी का अधिक से अधिक सेवन किया जा रहा है। जिसका लाभ नारियल पानी बेचने वालों ने उठाना शुरू कर दिया है। शहर में कई स्थानों पर आजकल आपको नारियल पानी बेचने वाले मिल जाएंगे। वर्तमान में पहले जो नारियल पानी 40 रुपये पर पीस मिल रहा था अब वह बढ़कर 90 रुपये पहुंच चुका है। मंडी का भी यही हाल है। यहां भी 70 रुपये पर पीस के हिसाब से दिया जा रहा है जो 90 रुपये तक बिक रहा है।

खाद्य पदार्थ पहले रेट वर्तमान रेट

रिफाइंड तेल व अन्य 

  • नेचर फ्रेश (135)—-150
  • फोरच्यून (140)—-160
  • काली सरसों (135)—-160
  • पीली सरसों (140)—-180
  • अरहर दाल (100)—-120
  • मसूर दाल (105)—-120
  • राजमा (110)—-140
  • छोले (85)—-100
  • मूंग दाल (100)—-120

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