Tuesday, June 15, 2021
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कोरोना का खौफ: भैंसाली बस अड्डे से यात्रियों की संख्या हुई कम

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सागर कश्यप |

मेरठ: कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते रविवार को साप्ताहिक लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है। वहीं, लोगों में भी संक्रमण का भय देखने को मिल रहा है। जिसके चलते रोडवेज पर यात्रियों की संख्या में कमी आने लगी है। भैंसाली बस अड्डे पर रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों की संख्या में पिछले कुछ दिनों से कमी देखने को मिली है। जिससे परिवहन निगम को रोजाना लाखों का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

कोरोना संक्रमण के चलते पूरे प्रदेश में गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने के निर्देश सरकार द्वारा दिए गए हैं। वहीं, रात्रि कर्फ्यू के साथ साप्ताहिक लॉकडाउन का भी ऐलान किया जा चुका है। ऐसे में संक्रमण से बचाव को देखते हुए लोगों ने भी बाहर आवागमन करना कम कर दिया है।

जिसके चलते रोडवेज बस से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी देखने को मिल रही है। गौरतलब है कि नवरात्र और रमजान भी चल रहे हैं। ऐसे में रोडवेज बस स्टैंड पर दोपहर बाद यात्रियों ही भीड़ छंटने लगती है। पिछले एक सप्ताह के अंदर भैंसाली बस स्टैंड से रोजाना बसों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी गिरावट आई है। जिससे परिवहन निगम को प्रतिदिन लाखों का नुकसान हो रहा है।

12 प्रतिशत तक घटी यात्रियों की संख्या

कोरोना संक्रमण के चलते पिछले एक सप्ताह में 12 प्रतिशत तक कमी भैंसाली बस स्टैंड से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में आई है। जिससे परिवहन निगम को रोजाना करीब पांच लाख रुपयों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के भीतर भैंसाली डिपो की बसों से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में कमी देखी गई है। भैंसाली बस स्टैंड से कुल 190 बसों का संचालन किया जाता है। जिसमें 72 प्रतिशत यात्रियों का आवागमन रोजाना होता है। लेकिन यह आंकड़ा घटकर 60 प्रतिशत हो गया है। जो कि निगम के लिए भी एक चिंता का विषय है।

बस अड्डे पर भी यात्रियों की हो रही जांच

भैंसाली बस अड्डे पर बाहर से आने वाले यात्रियों की रोजाना कोरोना जांच की जा रही है। इसके लिए बस अड्डे पर रोजाना कैंप लगाया जा रहा है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। साथ ही कोविड गाइडलाइंस के लिए भी लगातार यात्रियों को जागरुक किया जा रहा है।

बताते चले कि उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों के लिए भी कोविड रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। एआरएम के अनुसार प्रदेश की सीमा पर यात्रियों की निगेटिव रिपोर्ट देखकर ही प्रवेश दिया जा रहा है। इसके लिए भैंसाली बस स्टैंड पर उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों को पहले ही सूचना दी जा रही है। जिससे कि यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

साप्ताहिक लॉकडाउन: 50 प्रतिशत क्षमता से चलेंगी रोडवेज बसें

शासन के निर्देशानुसार रविवार को साप्ताहिक लॉकडाउन लगाया गया है। ऐसे में आवश्यक सेवाओं को जारी रखा जाएगा। इनमें रोडवेज बसों का संचालन भी जारी रहेगा। लेकिन बसों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही चलाया जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक केके शर्मा ने बताया कि परिवहन निगम के निर्देशानुसार लॉकडाउन के चलते रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा, लेकिन सिर्फ 50 प्रतिशत यात्रियों को ही बसों में सवार होने की अनुमति दी जाएगी। सभी चालक-परिचालकों को गाइडलाइन का पालन करने के लिए सख्त निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं, मास्क के बिना किसी भी यात्री को बस में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसी के साथ बस में उचित शरीरिक दूरी का भी विशेष पालन कराया जाएगा।

बस अड्डे तक पहुंचना होगा मुश्किल

साप्ताहिक लॉकडाउन के दिन शासन द्वारा बसों को गाइडलाइन के साथ संचालित किए जाने की अनुमति दी गई है। जिसके चलते बस अड्डों से सभी बसों को संचालन किया जाएगा, लेकिन बस अड्डो तक पहुंचने के लिए यात्रियों को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ेगा।

दरअसल, संपूर्ण बंदी के चलते शहर में अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी। जिससे यात्रियों को बस अड्डों तक पहुंचने के लिए मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, पिछले कई दिनों से रात्रि कर्फ्यू के चलते यही दृश्य बस अड्डों पर देखने को मिल रहा है। रात के समय बाहर से आने वाले यात्रियों को बसों से उतरने के लिए पैदल सफर तय करना पड़ता है।

शहर में उड़ी नियमों की धज्जियां

देशभर में जिस तेजी से कोविड-19 का संक्रमण पैर पसार रहा है। उसको रोकने के लिए राज्य सरकार एक बार फिर से गत वर्ष के भांति रणनीति अपना रही है। ताकि जल्द से जल्द संक्रमण को रोका जा सके । इसके लिए सरकार द्वारा प्रतिदिन नाइट कर्फ्यू के साथ-साथ एक दिन का साप्ताहिक लॉकडाउन तक लगाने के निर्देश जारी कर दिए है, लेकिन आम जनमानस अबकी बार कोविड-19 के संक्रमण को लेकर उस प्रकार से सतर्कता बरतते हुए दिखाई नहीं दे रहा जिस प्रकार गत वर्ष दे रहा था। उसी का परिणाम है कि गत वर्ष के भांति अबकी बार संक्रमण की रफ्तार अधिक है।

दरअसल शहर भर में सड़कों पर दौड़ते टेम्पो, ई-रिक्सा, सिटी बस के साथ-साथ सरकारी रोडवेज की बसों तक में कोविड-19 के नियमों की खुले आम धज्जिया उड़ाई जा रही है। हालात यह है कि अगर कोई चेंकिग करे तो वाहन में बैठे लोग मास्क का उपयोग करते हैं। अन्यथा सभी लापरवाही के साथ सफर करते हैं। वहीं, यात्रियों को उनके गतंव्य तक पहुंचाने वाले चालक परिचालक भी यात्रियों से नियमों का पालन करने के लिए नहीं कहते।

जिससे संक्रमण का बढ़ने का खतरा और भी प्रबल हो जाता है। क्योंकि कोई एक व्यक्ति भी संक्रमित हुआ तो लापरवाही के कारण यह संक्रमण अन्य लोगों तक भी पहुंच जाएगा। यह हाल भी जब देखने को मिल रहे हैं, जब प्रदेश सरकार ने मास्क न पहने एवं नियमों के अनदेखी करने वालों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है। उसके बावजूद सड़कों पर इसका असर देखने को नहीं मिलता। ऐसे में प्रश्न उठता है कि एक दिन के लॉकडाउन से कैसे संक्रमण की चेन टूटेेंगी। जब हर रोज नियमों की अनदेखी की जाएगी।

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