- कई बार अधिकारी कर चुके जांच, नहीं लगाई रिपोर्ट
- करोड़ों की संपत्ति पर हो गया अवैध कब्जा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: करीब 50 वर्ष पुराना पटेल नगर स्थित पुरुषोत्तम दास टंडन हिन्दी भवन कागजों में सिमटकर रह गया। जिसको अब कोई देखना वाला ही नहीं है। जबकि कई बार अधिकारी इसकी जांच करने आए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कर सके। कई एकड़ में बने इस हिन्दी भवन पर आसपास के लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। जबकि इसके परिसर में एक विशाल पुस्तकालय हुआ करता था। जहां शहर के लोग अपनी जरूरत की किताब पढ़ने के लिए आया करते थे। जोकि आज सब कुछ टूट गया है और अगर अब देखा जाये तो सिर्फ उसका खाली पड़ा मैदान उस पर भी अवैध कब्जा हो गया।
हिन्दी भवन की पहचान सिर्फ और सिर्फ बाहर सड़क पर लगा टूटा बोर्ड है। वह भी हर किसी को दिखाई नहीं देता है। एक समय यह हुआ करता था कि यहां पर सुबह से रात तक पुस्तक पढ़ने वालों का आना जाना लगा रहता था। क्षेत्र के व्यक्ति ने नाम नहीं छापने पर बताया कि पहले यहां पर एक गार्ड की ड्यूटी लगी रहती थी, जो अब नहीं आता है। वह गेट के बाहर बैठा रहता था और अन्दर किसी को घुसने नहीं देता था। लोगों ने खाली जमीनों पर कब्जा कर लिया है। किसी ने अवैध डेयरी बना ली है। तो किसी ने ई-रिक्शा चार्जिंग पार्इंट लगा लिया है।
पुस्तकालय के भवन को तोड़कर कर वहां मैदान बना दिया गया है। उस मैदान मेें वही के रहने वाले व जली कोठी के कबाड़ियों ने अपनी गाड़िया खड़ी करने की अवैध पार्किंग बना दी है। सभी लोग अपने कबाड़ में प्रयोग करने वाले वाहन वही पर खड़े करते हैं। पुस्तकालय के चारों तरफ की बनी दीवार में रास्ता तोड़कर जली कोठी व छतरी वाले पीर की तरफ बनी मार्केट में जाने का रास्ता भी वही के रहने वाले लोगों ने बना लिया है।
अरबों की संपत्ति पर अफसर खामोश
पटेल नगर स्थित जिस स्थान पर हिन्दी भवन बना था, वह अगर देखा जाये तो आज अरबों रूपए की सम्पत्ति है, लेकिन अधिकारी इस जमीन को संज्ञान में नहीं ले रहे है। और इसके लावारिश में डाल रखी है। जिसकी वजह से इस जमीन पर आसपास के लोग अवैध कब्जा कर रहे हैं। अधिकारी चाहें तो यहां पर फिर से पुस्तकालय शुरू करा सकते हैं या किसी भी विभाग का कार्यालय बन सकता है, लेकिन अधिकारियों ने इस जगह पर वही के लोगों को कब्जा करने के लिए छोड़ दी, जो इस भवन की तरफ जाकर देखते तक नहीं है, अगर उधर से अधिकारी निकलते भी है तो आंखें बन्द करके चले जाते हैं।

