जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष डा. लोकेश कुमार प्रजापति ने शनिवार को सर्किट हाउस में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आहुत बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अधिकारी आमजन का फोन आवश्यक रूप से उठाएं वह जरूरत व मदद के लिए आपको कॉल करते हैं।
लोकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि पिछड़े वर्ग की व्यक्तियों द्वारा की गई शिकायतों को गंभीरतापूर्वक लें तथा उसका निस्तारण पूरी पारदर्शिता ईमानदारी के साथ करे।
उन्होंने क्रीमी लेयर की जानकारी व अन्य आवश्यक जानकारी जाति प्रमाण पत्र आदि के संदर्भ में देने के लिए तहसील स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को सही जानकारी देने के उद्देश्य से तहसील स्तर पर कर्मचारियों की कार्यशाला आयोजित करने के लिए कहा।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक क्राइम से कहा कि वह जनपद में पिछले तीन वर्षों में कितनी प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज हुई है। उसका डाटा आयोग को उपलब्ध कराएं तथा उसमें हत्या, दुष्कर्म आदि का वर्गीकरण करते हुए ये भी बताएं कि उनमें से ओबीसी वर्ग के व्यक्तियों के विरुद्ध कितने मुकदमे दर्ज हुए हैं और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है।
उन्होंने थानेदारों द्वारा आमजन के फोन ना उठाए जाने पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की साथ ही कहा कि प्रशासनिक अधिकारी भी इस बात पर विशेष ध्यान दें कि वह आमजन का फोन आवश्यक रूप से उठाएं।
उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी से पूछा कि मिड-डे मील का लाभ कितने बच्चों को दिया जा रहा है तथा हर ग्राम में प्राथमिक विद्यालय है अथवा नहीं जिस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उपाध्यक्ष राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को अवगत कराया कि जनपद में 169000 बच्चों को मिड-डे मील का लाभ दिया जाता है तथा बताया कि हर गांव में प्राथमिक विद्यालय है।
उन्होंने मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से पूछा कि जनपद में कितनी अनधिकृत कॉलोनी एमडीए द्वारा चिह्नित की गई है तथा इनके अधिकृत होने की प्रक्रिया क्या है। जिस पर एमडीए टाउन प्लानर ने बताया कि जनपद में 204 अनधिकृत कॉलोनी चिह्नित की गई हैं।

