Wednesday, June 16, 2021
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सत्ताधारी नेता का सिर पर हाथ, जांच-पड़ताल में पुलिस ने बदली कहानी

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  • साधारणपुर शराबकांड: इंचौली एसओ पर मेहरबानी, दारोगा-सिपाही निलंबित
  • ग्रामीणों की जुबानी बीमारी से नहीं जहरीली शराब पिलाने से हुई 10 मौत

जनवाणी संवाददाता |

इंचौली: जब थाने के कोतवाल पर सत्ताधारी दल के नेताओं का हाथ हो तो उसका क्या बिगड़ सकता है। पंचायत चुनाव में वोटरों को अपने पक्ष में वोट डालने के लिए गन्ने के रस में परोसी गई जहरीली शराब पीने से हुई 10 लोगों की मौत पर आखिर आलाधिकारियों ने क्यों चुप्पी साध रखी है? यह एक सोचने का विषय है।

भले ही शराबकांड में शामिल इंचौली थाना क्षेत्र के गांव साधारणपुर में प्रधानी चुनाव लड़ रहे दो प्रत्याशियों को थाना पुलिस ने जेल भेजने तथा एक दारोगा एवं सिपाही को निलंबित कर दिया हो, लेकिन हुई इस कार्रवाई से मरने वाले लोगों को आत्मशांति नहीं मिली होगी।

पुलिस ने शराबकांड की पड़ताल की कहानी को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। आलाधिकारियों ने एसओ पर सत्ताधारी दल के नेताओं का हाथ सिर पर होने के चलते शराबकांड की तस्वीर को बदलकर एक तरह से मेहरबानी साबित होकर रह गया है। थाना पुलिस तीन दिन बीतने के बाद शराबकांड में शामिल बड़े तस्कर को दबोचने में अभी तक नाकाम साबित हो रही है।

इंचौली थाना क्षेत्र के साधारणपुर गांव में प्रधान प्रत्याशियों ने गत शनिवार और रविवार को जहरीली शराब बांटी थी। बताया जा रहा है इसी शराब को पीने के बाद गांव के 10 लोगों की मौत हुई। गांव में 48 घंटे के अंदर लगातार इतनी मौतें होने से पुलिस और प्रशासन में खलबली मची रही।

ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस-प्रशासन और आबकारी विभाग की लापरवाही से यह घटना हुई। अपनी लापरवाही और नाकामी छिपाने के लिए पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम तक नहीं होने दिया, लेकिन मामला उजागर होने और लखनऊ तक पहुंचने के बाद बुधवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की।

जहरीली शराब बांटने वाले दो प्रधान प्रत्याशी संजय और महाजन निवासी साधारणपुर को पुलिस ने गिरफ्तार किया। बुधवार को दोनों ही कोर्ट के सामने पेश किए गए। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, इस मामले में एसएसपी अजय साहनी ने क्षेत्र के दारोगा सुधीर सोढ़ी और बीट कांस्टेबल अंकित पांचाल को निलंबित कर दिया है। इस प्रकरण में एक सैनिक का नाम भी सामने आया है, उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। अभी इस मामले में और कार्रवाई हो सकती है।

शराब सप्लाई करने वाला दिल्ली पुलिस का सिपाही कपिल फरार

इंचौली के साधारणपुर गांव में पंचायत चुनाव में शराब पीने से दस लोगों की मौत का आरोपित दिल्ली पुलिस का सिपाही कपिल प्रधान पद के प्रत्याशियों की गिरफ्तारी के बाद से फरार है। 24 अप्रैल की रात को साधारणपुर गाव में प्रधान पद के प्रत्याशी संजय कुमार और महाराज सिंह ने शराब बाटी थी। बृजभूषण और बाबी उर्फ देवेंद्र और अन्य को घर बुलाकर गन्ने के रस में नशे की गोलिया और शराब मिलाकर पिला दी गई। हालत बिगड़ने के बाद दस लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर दो प्रत्याशियों को जेल भेज दिया है। पुलिस ने मृतकों के घर से गन्ने का रस बरामद कर जांच के लिए फारेंसिक लैब भेज चुकी है। नशे की गोलिया और शराब की सप्लाई देने वाले दिल्ली पुलिस के सिपाही बाबी उर्फ अमित की तलाश की जा रही है। पकड़े गए दोनों प्रत्याशियों ने बताया कि कपिल से ही शराब और नशे की गोलियां ले रहे थे। सियाल में चल रही अवैध शराब की फैक्ट्री से भी शराब खरीदी गई थी। कपिल ने ही साधारणपुर के मुकुल शर्मा से संपर्क कराए थे।

एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि पड़ताल की जा रही है कि किसकी मौत शराब पीने से हुई है और कौन बीमारी से मरा है। सभी लोगों के स्वजन के पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं।

वहीं, इस संबंध में एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। फरार आरोपित की तलाश को दिल्ली में दबिश डाली गई है। आरोपित दिल्ली पुलिस के सिपाही कपिल के खिलाफ दिल्ली पुलिस को पत्र भेजा है। एसपी देहात पूरे मामले को निगरानी कर रहे है।

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