Friday, May 1, 2026
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कैंट के बंगला एरिया को भी नगर निगम को देने की तैयारी

  • रक्षा मंत्रालय ने मांगा आउट सिविल एरिया के बंगलों का प्रस्ताव

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कैंट क्षेत्र के बंगला एरिया को भी नगर निगम को देने की तैयारी शुरू हो गई है। रक्षा मंत्रालय ने कैंट बोर्ड से आउट आॅफ सिविल एरिया के बंगलों का प्रस्ताव मांगा है। अधिकारी अब संशोधित प्रस्ताव बनाने में जुट गए हैं।
मेरठ कैंट में करीब 8500 एकड़ भूमि है, इनमें 400 एकड़ भूमि पर 200 से अधिक अंग्रेजों के दौर के बंगले बने हैं। कैंट के क्षेत्रवासियों द्वारा लंबे समय से कैंट के सिविल एरिया को नगर निगम को सौंपने की मांग उठाई जा रही है।

लोकसभा चुनाव से पहले कैंट की संपत्ति को नगर निगम में हस्तानांरित करने की प्रक्रिया में तेजी आई थी। कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने पहले नगर निगम को कैंट की 436.69 एकड़ भूमि सौंपने का प्रस्ताव तैयार करके रक्षा मंत्रालय को भेजा था। इस भूमि पर करीब 41,078 आबादी है। 436.69 एकड़ भूमि में बंगला एरिया शामिल नहीं था। कैंट के आउट आॅफ सिविल एरिया में 200 से अधिक बंगले हैं। इन बंगलों में वेस्ट एंड रोड, औघड़नाथ मंदिर रोड व कई अन्य मार्गों पर स्कूल, कालेज, अन्य शिक्षण संस्थान, मैरेज हॉल, कारखाने आदि संचालित हो रहे हैं।

इनके संचालक और बंगलों में रहने वालों द्वारा आउट एरिया के बंगलों को भी नगर निगम को सौंपने की मांग की जा रही थी। इसके लिए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेई व कैंट विधायक अमित अग्रवाल भी रक्षा मंत्रालय से आग्रह कर रहे थे। रक्षा मंत्रालय ने कैंट बोर्ड से अब संशोधित प्रस्ताव करके भेजने का आदेश दिया है। इस प्रस्ताव में आउट आॅफ सिविल एरिया के बंगलों को भी शामिल करने को आदेशित किया है। अधिकारी रक्षा संपदा विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर संशोधित प्रस्ताव तैयार करने में जुट गए हैं। प्रस्ताव में 200 से अधिक बंगलों को शामिल किया जाएगा। इससे अब निगम को दिए जाने वाला एरिया लगभग दोगुना हो जाएगा।

भूमि पर स्वामित्व नहीं बदलेगा

केन्द्र सरकार केवल म्यूनिसिपल सुविधाओं के लिए कैंट की संपत्ति को नगर निगम को हस्तांरित करना चाहती है। इसमें हाउस टैक्स, जलकर, सीवर टैक्स आदि करों की वसूली नगर निगम को सौंप दी जाएगी और सड़कें, नगर निगम सफाई, स्ट्रीट लाइटें, पेयजल और अन्य सुविधाएं जनता को उपलब्ध कराएगा, लेकिन भूमि का स्वामित्व केन्द्र सरकार के पास ही रहेगा। क्योंकि जनरल लैंड रजिस्टर में क्या बदलाव होंगे ऐसा अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया। इसी तरह कैंट के सिविल एरिया और आउट आॅफ सिविल एरिया की जनता भूमि पर स्वामित्व और रक्षण के अधिकार मिलने के संबंध में मंत्रालय ने कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की। इसको लेकर संशय बना है।

चार दिन में तैयार हो जाएगा संशोधित प्रस्ताव: सीईओ

कैंट बोर्ड के सीईओ जाकिर हुसैन का कहना है कि रक्षा मंत्रालय से कैंट की संपत्ति को नगर निगम को सौंपने के संबंध में पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव को संशोधित करके अब इसमें आउट आॅफ सिविल एरिया के बंगलों को भी शामिल करके भेजने के आदेश दिए हैं। तीन चार दिन में प्रस्ताव तैयार करके मंत्रालय भेज दिया जाएगा।

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