Tuesday, July 27, 2021
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नहीं हुई नालों की सफाई, बरसात में बढ़ेगी मुश्किलें

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  • घास मंडी चौक में पानी की निकासी का समाधान नहीं

जनवाणी संवाददाता |

थानाभवन: कोरोना महामारी के साथ-साथ तेज गर्मी, उमस और गंदगी के कारण कस्बे में बढ़ती मौसमी बीमारियों के बीच मानसून आने वाला है। इसके बावजूद नगर में नाले-नालियों के प्रति नगर पंचायत गंभीर नजर नहीं आ रही है। इससे बरसात के दिनों में जलभराव के कारण नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

थानाभवन कस्बा में नालों में मंदिर जस्सूवाला से लेकर दिल्ली सहारनपुर रोड, ऊन रोड से चरथावल बस स्टैंड तक की साफ-सफाई अभी शुरू नहीं हुई है। इसके चलते मानसून के दौरान फिर से संकट के बादल छाने की आशंका है। कस्बे में बरसात के पानी की निकासी के लिए बड़े नालों की सफाई नहीं हो रही।

यहां आएगी ज्यादा दिक्कत

थानाभवन कस्बा में बारिश के दौरान बड़ी परेशानी का सबब बनने वाले मोहल्ला नबीपुरा से घास मंडी चौक तक, मोहल्ला खैल, रेती चौक, बंदागढ़, कस्सावान मोहल्ले में बाजदारों वाली मस्जिद में थोड़ी सी बारिश होते ही घंटों तक गलियों से पानी की निकासी नहीं पाती है। बरसात का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। कस्बे की घासमंडी चौक में आज तक पानी की निकासी का समाधान नहीं हो पाया है। थोड़ी सी बारिश होने पर घासमंडी चौक में घंटों तक तालाब बना रहता है।

सभासद की शिकायत पर भी सफाई नहीं

मानसून बिल्कुल नजदीक है। 15 जून के बाद कभी भी बाद झमाझम बरस सकते हैं। नगर पंचायत अगर नालों की सफाई के प्रति ऐसे ही उदासीन बनी रही तो बारिश में आफत आ सकती है। कस्बे के विभिन्न नालों की कई महीनों से सफाई नहंी हुई है। नाले सिल्ट और गंदगी से अटे पड़े हैं। मानसून सक्रिय होने से पहले सफाई नहीं होने से मोहल्लों में पानी जमा होने की आंशका बनी हुई है। नगर पंचायत महिला सभासद परवीन बेगम ने बताया कि मेरे वार्ड कस्सावान में नगर पंचायत कार्यालय के पीछे नालियों का बुरा हाल है। पानी की निकासी के लिए कोई भी बड़ा नाला नही है। नालियों का पानी सड़कों पर बहता रहता है। जिससे वार्ड में मच्छर आदि बीमारियां फैल रही है। इसकी शिकायत कई बार नगर पंचायत में की है।लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नही है।

तालाबों पर अवैध कब्जा एंटी भू-माफिया को अंगूठा

कस्बे के अधिकंश तालाबों पर अतिक्रमण हो रहा है। यह अतिक्रमण प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा अवैध कब्जा हटवाने के लिए गठित किए गए एंटी भू-माफिया अभियान और प्रशासन को अंगूठा दिखा रहा है। नगर पंचायत थानाभवन क्षेत्र में 27 तालाब आते हैं जिनमें से अधिकांश पर भूमाफियाओं का कब्जा है। तालाबों के अस्तित्व में न रहने से थोड़ी सी ही बारिश होते ही कस्बे में पानी भर जाता है। यदि तालाब अपने अस्तित्व में होते तो शायद कस्बे में जलभराव न होता।

सफाई पर वार्षिक 2.76 करोड़ खर्च

शासन से नाले नालियों की सफाई का कोई बजट नही आता है। नगर पंचायत को मिलने वाली मासिक किस्त से ही सफाई कर्मचारियों का वेतन, जेसीबी का मेंटिनेंस, सफाई में प्रयुक्त ट्रेक्टर-ट्राली आदि पर खर्च होता है। सफाई व्यवस्था पर लगभग 2 करोड़ 76 लाख रुपये वार्षिक नगर पंचायत से खर्च होता है।


वर्तमान में नालों की स्थिति खराब

हमारे कार्यकाल में मानसून आने से पहले पूर्व अप्रैल माह में कस्बे के सभी नालों की सफाई करा दी जाती थी। वर्तमान में कस्बे के सभी नालों की स्थिति अत्यंत खराब है।
-संजय शर्मा, पूर्व चेयरमैन, नगर पंचायत थानाभवन।


नालों की सफाई का टेंडर छूट गया

कस्बे में नाले एवं नालियों की सफाई का कोई भी विशेष बजट नहीं आता है। सफाई कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर कस्बे के बड़े व छोटे नालों की सफाई का कार्य किया जाता रहता है। मानसून को लेकर बड़े नालों की सफाई का टेंडर कर दिया गया है। जल्द ही बड़े नालों की भी सफाई हो जाएगी ।      -रफत परवीन, चेयरमैन, नगर पंचायत थानाभवन।


नालों की सफाई को बना रहे एस्टीमेट

छोटे नालों की सफाई का कार्य चल रहा है। बड़े नालों के लिए स्टीमेट बनवाए गए हैं। जल्द ही नालों की सफाई का कार्य शुरू हो जाएगा। नालों की सफाई का सरकार कोई बजट नहीं देती है।
-मेघा गुप्ता, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत थानाभवन।

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