Friday, December 9, 2022
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राजस्थान कांग्रेस में मचा घमासान, अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को कहा गद्दार

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  • बोले- उनके साथ दस विधायक तक नहीं, कोई स्वीकार नहीं करेगा

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति नई करवट लेने को तैयार है। अगले महीने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा मध्यप्रदेश से राजस्थान में प्रवेश करने वाली है। सचिन पायलट भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ कदमताल कर रहे हैं। राजस्थान में हर दूसरे दिन कोई न कोई पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर देता है। ऐसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पायलट ने गद्दारी की है। वह मुख्यमंत्री नहीं बनाए जा सकते। उन्हें तो दस विधायकों तक का समर्थन नहीं है। उन्हें कोई स्वीकार नहीं करेगा।

गहलोत का यह बयान गुरुवार को सामने आया। उन्होंने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में पायलट की सीएम की कुर्सी पर दावेदारी पर खुलकर बात रखी है। गहलोत ने कहा कि पायलट गद्दारी कर चुके हैं। इसे मैंने और हमारे विधायकों ने भुगता है। हमें 34 दिन होटलों में रहना पड़ा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान भी इसमें शामिल थे। सीएम के सवाल पर गहलोत ने कहा कि हाइकमान की ओर से मुझे कोई संकेत नहीं है। मैं हाईकमान के साथ हूं। पायलट को कोई स्वीकार नहीं करेगा।

टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में पायलट ने कहा कि हाईकमान राजस्थान के साथ न्याय करेगा। अजय माकन औऱ हाईकमान को मैं अपनी दिल की बात बता चुका हूं। राजस्थान में सरकार आना जरूरी है। मैं तीन बार सीएम रह चुका हूं। मेरे लिए सीएम बने रहना जरूरी नहीं है। आप सर्वे करवा लीजिए। मेरे मुख्यमंत्री से सरकार बन सकती है तो मुझे इस कुर्सी पर रहा चाहिए। अगर दूसरे चेहरे से सरकार बन सकती है तो उसे जिम्मेदारी दीजिए।

गहलोत ने कहा कि मतभेद होना आम है। 25 सितंबर को यहां बगावत नहीं हुई थई। 2019 में बगावत हुई थी। 34 दिन होटलों में रहे थे। 25 सितंबर को 90 लोग इकट्ठे हुए थे। यह वे लोग थे, जिन्होंने सरकार बचाने में सहयोग किया था। सरकार तो तब भी नहीं बच सकती थी। बिना हाईकमान के कोई सीएम सरकार बचा ही नहीं सकता था। गद्दार किए हुए व्यक्ति को सीएम के तौर पर कैसे स्वीकार किया जा सकता है।

गहलोत ने कहा कि 25 सितंबर की मीटिंग से पहले बात फैलाई गई कि सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। पायलट ने खुद ऐसा व्यवहार किया कि वे सीएम बनने वाले हैं। उन्होंने कई विधायकों को फोन किए कि पर्यवेक्षक आ रहे हैं, उन्हें क्या कहना है। एमएलए को लगा कि अगले ही दिन शपथ होने वाली है। इसी वजह से 90 विधायक विरोध में जुटे थे। वे हाइकमान के साथ हैं। जिनकी वजह से 34 दिन होटलों में रहे, जिसने सरकार गिराने का षड्यंत्र रचा, उसे विधायक कैसे स्वीकार करेंगे।

पायलट के साथ झगड़े पर गहलोत बोले कि 2009 के लोकसभा चुनाव में राजस्थान से 20 सांसद कांग्रेस के जीते थे। मुझे दिल्ली बुलाया गया था। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में मैंने सचिन पायलट को केंद्रीय मंत्री बनाने की सिफारिश की। उस समय वसुंधरा राजे सरकार में 70 गुर्जर मारे गए थए। यहां गुर्जर-मीणाओं के बीच झगड़ा था। मेरे पास सचिन पायलट का फोन आया था कि मेरी सिफारिश कीजिए। मैं तो पहले ही सिफारिश कर चुका था। जिस आदमी के दिल में प्यार होगा, वह तो नौजवान की सिफारिश करेगा ही।

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