Tuesday, February 17, 2026
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फर्जी हस्ताक्षर कर सचिव ने करोड़ों हड़पे

  • पं. सुजान डिग्री कॉलेज का मामला, एनसीटीइ में फर्जी दस्तावेज दिखाकर ले ली बीएड की मान्यता
  • विभागीय कार्रवाई से छात्र-छात्राओं की डिग्री पर पड़ सकता है असर
  • पीड़ित की शिकायत पर कुलपति ने तीन सदस्यों की टीम कि गठित

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शिक्षा के क्षेत्र को बढ़ावा देने और शिक्षकों के प्रशिक्षण व संस्थानों की गुणवत्ता की जांच करने की एनसीटीइ का गठन किया है। जहां बीएड कॉलेज के सचिव ने अपने ही पिता सोसाइटी के अध्यक्ष के नाम कि भूमि के फर्जी दस्तावेज लगाकर एनसीटीइ से बीएड कॉलेज चलाने की मान्यता ले ली। दिवंगत पिता की मौत के बाद सोसाइटी में सचिव पद पर नियुक्त सगे बेटे ने फर्जी हस्ताक्षर कर बैक मैनेजरों की आंख में धूल झौंकते हुए करोड़ों रुपये की रकम हड़प ली है।

दिवंगत पति की मौत के बाद पत्नी ने अपने ही सगे बेटे पर अपने पिता के फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है। कहा है कि जिस भूमि पर बीएड कॉलेज चल रहा है वो भूमि कॉलेज के दस्तावेजों में दर्ज नहीं है, लेकिन जो भूमि दस्तावेजों में दर्ज है, वहां उनके दो परिवार रहते है और यह भूमि दिवंगत अध्यक्ष के नाम है।

पं. सुजान सिंह डिग्री कॉलेज के प्रबंध समिति के अध्यक्ष विमला रानी शर्मा ने बताया कि सोसाइटी का सन् 2000 में गठन हुआ था। उसके एक साल बाद बीएड कॉलेज की स्थापना की गई थी। इस दौरान उनके पति दिवंगत मदन मोहन शर्मा सोसाइटी के अध्यक्ष थे और उनका छोटा बेटा पुनीत मोहन शर्मा को सचिव बनाया गया था। साल 2017 में उनके पति का निधन हो गया था। उनके निधन के बाद उन्हें स्वयं को अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया, लेकिन इसी क्रम में उनका छोटा बेटा पुनीत लगातार सचिव के पद पर नियुक्त रहे,

लेकिन उनके बड़े भाई की पत्नी अर्चना शर्मा को उपाध्यक्ष बनाया गया। आरोप है कि उनके सगे बेटे ने साल 2017-22 तक इस बीच बैंक के खातों में सोसाइटी तथा पं सुजान सिंह डिग्री कॉलेज में दिवंगत पिता का नाम नहीं बदलवाया। आरोप है कि उनके बेटे पुनीत ने उनके निधन के बाद से लेकर अब तक उनके फर्जी दस्तावेज व हस्ताक्षर करके सोसाइटी और कॉलेज के बैक के खातों से करोड़ोंं की रकम हड़प ली है। साथ ही सीसीएसयू विश्वविद्यालय व एनसीटीइ को फर्जी दस्तावेज दिखाकर गुमराह किया और बीएड कॉलेज चलाने के लिए 100 सीटों की मान्यता ले ली।

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जब इस बारे में कॉलेज के अध्यक्ष विमला रानी शर्मा को जानकारी हुई तो उन्होंने उक्त प्रकरण के चलते मामले की शिकायत एनसीटीइ, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति से की। अधीक्षक की संस्तुति के बाद कुलपति ने मामले की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यों की टीम गठित कर जांच करने के आदेश दिए है। फिलहाल विश्वविद्यालय के एडेड अधीक्षक ने पं. सुजान डिग्री कॉलेज के सचिव पुनित मोहन शर्मा को नोटिस भेजकर 18 नवंबर तक कालेज से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने व साक्ष्य उपलब्ध करने को कहा है।

फर्जी दस्तावेजों पर चल रहा बीएड कॉलेज

नगर निगम के सरकारी दस्तावेजों में जिस भूमि को दिखाकर एनसीटीइ से बीएड की मान्यता ली है, वो भूमि वास्तव में सोसाइटी व कॉलेज की भूमि नहीं है। यह भूमि सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत अध्यक्ष मदन मोहन शर्मा के नाम पर दर्ज है, जिसमें दो मंजील भवन बना हुआ है। जहां वर्तमान में दो परिवार निवास कर रहे हैं, लेकिन आरोपी सचिव ने एनसीटीइ व सीसीएसयू के अधिकारियों को गुमराह कर बीएड कॉलेज की मान्यता ले ली है। जो नियम के विरुद्ध है। इस पर सीसीएसयू की टीम जांच कर रही है।

फोरेंसिक जांच में फर्जी निकले हस्ताक्षर

पीड़िता ने बताया कि उक्त प्रकरण के चलते उन्होंने सिविल लाइन थाने में तहरीर दी। इस पर थाना प्रभारी ने जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। फोरेंसिक जांच में उक्त आरोपी द्वारा पूर्व अध्यक्ष व वर्तमान अध्यक्ष के हस्ताक्षर फर्जी करना पाया गया है, जिसकी विवेचना प्रचलित है।

डिप्टी रजिस्ट्री दफ्तर ने नवीनीकरण को भेजा था नोटिस

पं. सुजान डिग्री कॉलेज के अध्यक्ष विमला रानी बताया कि 2009-21 तक जब सोसाइटी की बैलेंस सीट डिप्टी रजिस्टार सोसाइटी के दफ्तर मेें जमा नहीं हुई। तो उन्होंने नोटिस भेजा।

आज तक नहीं की गई आयकर विभाग रिटर्न फाइल

उन्होंने बताया कि साल 2009 के उपरांत आज तक उनके आरोपी बेटे सचिव ने कोई भी आयकर रिटर्न जमा नहीं किया है। साथ ही इस बीच के में डिग्री कॉलेज के रिकार्ड को भी गायब कर दिया गया।

जहां कालेज चलाने की अनुमति मिली है। उसी स्थान पर बीएड कालेज संचालित है। साथ ही उस समय विभाग द्वारा दी गई गाइड लाइन के अनुसार ही चलाया जा रहा है। लगाये गए आरोप निराधार हैं। -पं. सुजान, सचिव डिग्री कॉलेज सूरजकुंड मेरठ।

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