Saturday, December 4, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsBaghpatसचिव ने लोकपाल को किया गुमराह, दूसरी चकरोड दिखाई

सचिव ने लोकपाल को किया गुमराह, दूसरी चकरोड दिखाई

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  • संतोषपुर गांव में मिल रही शिकायत के बाद चकरोड देखने पहुंची थी लोकपाल
  • मनरेगा योजना में मिल कर्मचारी को दिखाया रोजगार देना, 8925 रुपये भी भेजा

जनवाणी संवाददाता |

बागपत: यहां तो पंचायत सचिव जिसे चाहे उसको गुमराह कर देते है, क्योंकि ऐसा ही मामला संतोषपुर गांव में देखने को मिला है। जब लोकपाल शिकायत पर चकरोड देखने पहुंची तो पंचायत सचिव ने अनियमित्ता वाली चकरोड न दिखाकर ठीक वाली दिखा दी। बाद में ग्रामीण से पूछने पर उक्त चकरोड पर पहुंची तो वहां धरातल पर कुछ नहीं मिला।

इतना ही नहीं बागपत चीनी मिल में कार्य करने वाले कर्मचारी को मनरेगा योजना में कार्य दिखाकर 8925 रुपये खाते में भेज दिए और गांव में सिर्फ कागजों में ही पौधारोपण मिले ना कि धरातल पर। लोकपाल ने सचिव व प्रधान से अभिलेख मांगे और अभिलेख नहीं देने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।

लोकपाल अंशू त्यागी ने बताया कि वह गुरूवार को संतोषपुर गांव में मिल रही शिकायतों की जांच करने पहुंची। उन्होंने बीडीओ, पंचायत सचिव व प्रधान को मौके पर आने के आदेश दिए थे, लेकिन न तो प्रधान आया न ही बीडीओ जांच कराने के लिए पहुंची। बताया कि गांव में एक चकरोड को कागजों में बना दिया गया है, लेकिन धरातल पर कार्य न करने की शिकायत मिली तो सचिव से उक्त चकरोड पर लेकर जाने की बात कही, लेकिन सचिव ने उनको गुमराह कर दिया और दूसरी चकरोड पर ले गए, जो बनी हुई थी।

जब वहां से गुजर रहे एक ग्रामीण से पूछा तो उसने बताया वह चकरोड दूसरे स्थान पर है तो वह भडक गयी और सचिव को जमकर फटकार लगायी। जब उक्त चकरोड पर पहुंचे तो वहां कुछ नहीं मिला और चकरोड टूटी हुई थी। इसके अलावा गांव में पौधे देखे, लेकिन मात्र दो या चार ही पौधे मिले। इतना ही नहीं प्राइमरी स्कूल में भी पौधे तक नहीं लगे थे। इसके अलावा अन्य कार्यों में भी काफी खामियां नजर आयी। इसको लेकर पंचायत सचिव व प्रधान से अभिलेख मांगे है और अभिलेख नहीं देने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

चीनी मिल कर्मचारी के खाते में भेजे मनरेगा के पैसे

लोकपाल अंशू त्यागी ने बताया कि जब मनरेगा योजना के मजदूरों की जांच की गयी तो पता चला कि जिस व्यक्ति अनुजराम के खाते में मनरेगा के 8925 रुपये भेजे है वह बागपत चीनी मिल में कार्य करता है और पंचायत सचिव व प्रधान ने मिलकर यह कार्य किया है। इतना ही नहीं उसके खाते से पैसे भी निकल चुके है। वहीं कई व्यक्तियों के जॉब कार्ड तक नहीं बनाए गए है।

पिछले साल भी निकली थी 25 हजार की रिकवरी

लोकपाल अंशू त्यागी ने बताया कि संतोषपुर गांव में सोशल आडिट में पिछले वर्ष भी 25 हजार की रिकवरी निकली थी, लेकिन अभी तक इसकी वसूली नही की गयी है।

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