- 400 दुकानदारों को बड़ी राहत के लिए पर्दे के पीछे से पैरवी
- वाया भाजपा नेता की मेरठ से लखनऊ तक पैरवी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: देश और दुनिया में बदनाम बने सोतीगंज वाहन कमेले के एक बार फिर से खुलने की आहट सुनाई देने लगी है। जानकारों की मानें तो सोतीगंज के 400 कबाड़ियों ने एक पूल बनाकर मजबूती से पैरवी शुरू कर दी है। यदि सब कुछ तय प्लानिंग के तहत होता चला गया तो वो दिन दूर नहीं जब पूर्व एसएसपी प्रभाकर चौधरी द्वारा पुलिस के एक संगठित अभियान चलाकर बंद कराए गए सोतीगंज के कबाड़ियों की दुकान गाड़ियों के पार्टस से दोबारा से लदबद नजर आएंगी। यहां के कबाड़ियों को उम्मीद है कि यदि ऐसा हो गया तो दोबारा उनके अच्छे दिन लौट आएंगे।
सूत्रों ने जानकारी दी है कि अपने अच्छे दिन लाने के लिए सोतीगंज के प्रमुख कबाड़ियों ने देश को अच्छे दिन का नारा देने वाली भाजपा मेरठ में एक नेता को बैसाखी बनाया है। यह भी सुनने में आया है कि बैसाखी बने इस नेता की मार्फत लखनऊ में बैठे एक बडेÞ अधिकारी के दरबार में दस्तक का प्लान है। जानकारों का यह भी कहना है कि सोतगंज के प्रमुख कबाड़ी जो इस प्लान पर काम कर रहे वो सभी व उनकी संताने प्रभाकर चौधरी के कार्यकाल में जेल जा चुकी हैं और इन दिनों जमानत पर बाहर हैं।
ऐसे करीब 40 कबाड़ी बताए जाते हैं जो प्रभाकर चौधरी के कार्यकाल में पुलिस के रिमांड पर रहे। बताया जाता है कि इनमें से कुछ कबाड़ियों ने अब सोतीगंज के कबाड़ियों की दुकान खुलवाने का बीड़ा उठाया है। यह भी चर्चा है कि सभी 400 कबाड़ियों ने वादा किया है कि जो भी सहयोग मांगा जाएगा, वह हर सूरत मिलेगा। यदि इस सहयोग की बात करें तो काफी बड़ी रकम की बात सुनने में आ रही है। इसको लेकर तमाम चर्चाएं हैं।
हाईकोर्ट से सीधी राहत नहीं
सोतीगंज के 20 कबाड़ी ऐसे हैं, जिनका कहना है कि आज तक उनके खिलाफ किसी थाने में कोई मामला दर्ज नहीं। उन्होंने कानून के दायरे में रहकर कारोबार किया है, लेकिन उनकी भी दुकानों पर ताले डाल दिए गए। इसी बात को लेकर 20 कबाड़ियों की ओर से हाईकोर्ट में रिट दायर की गयी, लेकिन इनके पक्ष में सीधा आदेश ना देकर हाईकोर्ट ने गेंद मेरठ के जिला प्रशासन व पुलिस के पाले में डाल दी। इसके बाद 20 कबाड़ियों की ओर से सुप्रीमकोर्ट की चौखट पर दस्तक दी गयी है। कबाड़ियों को उम्मीद है कि देश की बड़ी अदालत से जरूर राहत की किरण नजर आएगी।
कबाड़ियों से पहले पुलिस वालों की खबर
पूर्व एसएसपी प्रभाकर चौधरी के एक्शन सोतीगंज की जब बात आती है तो इसकी शुरुआत उन पुलिस वालों से कार्रवाई से हुई है जो सोतीगंज के कबाड़ियों के लिए बडेÞ मददगार साबित होते थे। ऐसे पुलिस वालों को चिन्हित कर सबसे पहले उनको नापने का काम किया गया। महकमे के दाग धोने के बाद ही आॅपरेशन सोतीगंज कबाड़ी शुरू किया गया। करोड़ों की संपत्ति सीज की गयी। कई जेल भेजे गए। सोतीगंज में की गयी पुलिस की कार्रवाई का जिक्र पीएम मोदी व सीएम योगी ने अनेक बार मंचों से किया।

