जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: जिले की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। पिछले कई दिन से शहर में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। रविवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 421 दर्ज किया गया, जोकि बेहद खराब श्रेणी का आंकड़ा है।
प्रशासन की तरफ से प्रदूषण नियंत्रण को लेकर तमाम दावे किए जा रहे हैं। प्रदूषण संबंधित गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जल्द ही टीमें गठित हो सकती हैं। हालांकि प्रदूषण पर कोई खास लगाम लगती दिखाई नहीं दे रही है।
पिछले कई दिनों से प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में बना हुआ है।
हवा जीवन के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन यही हवा अगर जहरीली हो जाए तो जानलेवा हो सकती है। मेरठ में इन दिनों ऐसा ही हो रहा है। हवा की गुणवत्ता बेहद खराब होने की वजह से मेरठ लगातार सुर्खियों में है। शहर में प्रदूषण का स्तर लगातर बढ़ रहा है। जिसके चलते लोगों को अब सांस लेना दुभर हो रहा है।
अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में शहर की आबोहवा और भी ज्यादा जहरीली हो जाएगी। दीपावली पर्व के बाद से शहर की प्रदूषण की स्थिति बद से बदतर हो गई है। जिसके चलते शहर में प्रदूषण की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में लोगों के सामने परेशानी बढ़ने लगी है।
बीमारियों का बढ़ने में प्रदूषण भी एक कारण सामने आया है। मौसम में लगातार परिवर्तन होने के कारण परेशानी बढ़ रही है। सुबह और शाम के समय तो सर्दी का एहसास हो रहा है, लेकिन दोपहर के समय सर्दी का एहसास फिलहाल कम है। इसका मुख्य कारण प्रदूषण की स्थिति बिगड़ना बना हुआ है।
राजकीय मौसम वैधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 28.1 डिग्री सेल्स्यिस एवं न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 72 एवं न्यूनतम आर्द्रता 40 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक डा. शमीम अहमद का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप बढ़ेगा।
फिलहाल शहर के प्रदूषण में जिस तरह बढ़ोतरी हो रही है। उससे साफ लग रहा है कि दिन में सर्दी का कम एहसास है, लेकिन आने वाले दिनों में सर्दी दिन में भी बढ़ेगी।
मेरठ के इन स्थानों पर है प्रदूषण की स्थिति
मेरठ शहर में जिन स्थानों पर प्रदूषण विभाग द्वारा एक्यूआई मापने के लिए सिस्टम लगा रखे हैं। उन सिस्टमों को अगर देखा जाए तो उससे साफ जाहिर हो रहा है कि प्रदूषण की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
इस स्थिति में सुधार की कोई गुंजाइश दिखााई नहीं दे रही है। गंगानगर में 417 जयभीम नगर में 423 एवं पल्लवपुरम में भी 423 प्रदूषण की स्थिति है। हालांकि प्रदूषण विभाग प्रतिदिन दावे कर रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए विभाग द्वारा लगातार मॉनिटीरिंग की जा रही है।
खटारा वाहन हवा में घोल रहे धुएं का जहर
शहर के साथ ही देहात में भी हजारों की संख्या में खटारा वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। शहर में चलने वाले खटारा वाहनों में सबसे अधिक संख्या बसों, टेंपो, ट्रक और जुगाड़ों की है। उम्र पूरी कर चुके और जर्जर हो चुके खटारा वाहनों की काफी संख्या है। मगर आरटीओ की ओर से ठोस कदम इन वाहनों पर कार्रवाई के लिए नहीं उठाए जा रहे हैं।
नगर निगम की ओर से भी कार्रवाई नहीं
कचरा जलाने से रोकने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। मगर शहर में लगातार कचरा जलाया जा रहा है। बाजारों में दुकानों की सफाई के बाद दुकानदार कचरा और पॉलीथिन को सड़कों पर रखकर जलाते हैं। इसके अलावा पुराने शहर में कंडम टायरों की रबर उतारी जाती है। टायर से तार निकालने के लिए लोग टायरों को जलाते हैं।
सेहत पर सीधे असर कर रहा वायु प्रदूषण
वायु प्रदूषण सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। हवा में घुला धुएं, धूल और अन्य केमिकल्स का जहर सांस के साथ हमारे शरीर में प्रवेश कर शरीर को भीतर से नुकसान पहुंचाता है। डाक्टर बताते हैं कि वायु प्रदूषण खासकर खतरनाक धुआं व धूल दमा, फेफड़े, मधुमेह, दिमाग और दिल के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है। इसके अलावा बच्चों और गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चे का भी यह नुकसान पहुंचाता है।
स्मॉग ने किया परेशान
शहर में पिछले कई दिनों से स्मॉग ने लोगों को काफी परेशान किया हुआ है। हर समय आसमान में धुंध सी छाई रहती है। दिन के समय धूप निकलने की वजह से यह थोड़ी हल्की हो जाती है, मगर शाम के समय काफी बढ़ जाती है।
शनिवार को रात के समय सड़कों पर काफी स्मॉग छाया रहा। स्ट्रीट लाइटों की रोशनी में इसे साफ देखा जा सकता था, जिस तरह से धूंध के समय में दृश्यता कम हो जाती है, उसी तरह से स्मॉग से सड़कों पर रात के समय दृश्यता कम हो रही है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिससे सभी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
शहरों का प्रदूषण
- मेरठ 421
- गाजियाबाद 453
- बागपत 440
- मुजफ्फरनगर 315

