Saturday, April 25, 2026
- Advertisement -

कोरोना के इस खतरनाक वैरिएंट ने भारत में भी दी दस्तक, पांच मामले आ चुके सामने

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: चीन, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, जापान सहित दुनिया के कई देशों में कोहराम मचाने वाले कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का सबसे खतरनाक सबवैरिएंट ने अब भारत में भी दस्तक दे दी है। कोरोना का ये सब वैरिएंट अमेरिका में सबसे पहले पाया गया था। भारत में भी इसके पांच मामले सामने आ चुके हैं। इनमें तीन संक्रमित गुजरात, जबकि कर्नाटक और राजस्थान में एक-एक मामले सामने आए हैं।

corona

सब वैरिएंट काफी खतरनाक बताया गया

कोरोना का ये सब वैरिएंट काफी खतरनाक बताया जा रहा है। अमेरिका में कोरोना से संक्रमित होने वाले 44 प्रतिशत लोगों में यही सब वैरिएंट पाया गया है। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों कोरोना का ये सब वैरिएंट काफी खतरनाक बताया जा रहा है। भारत में इसके फैलने की कितनी आशंका है।

104 गुना ज्यादा तेज फैलता है

corona

कोरोना का नया सब वैरिएंट XBB.1.5 अब तक का सबसे संक्रामक वैरिएंट बताया जा रहा है। इसकी रफ्तार पहले के वैरिएंट से 104 गुना ज्यादा तेज है। ये कोरोना के दो वैरिएंट्स के दोबारा मिलने से बना है। विशेषज्ञों का कहना है कि BJ1 और BM1.1.1 नाम के दो कोरोना वैरिएंट आपस में मिले, तो इन दोनों का DNA यानी जेनेटिक मैटेरियल आपस में मिल गया।

इससे XBB बना, फिर XBB वैरिएंट ने रूप बदला और वह XBB1 बना। इसके बाद एक बार फिर से XBB1 में G2502V म्यूटेशन हुआ जिसके बाद वो XBB.1.5 वैरिएंट बना है।

कैपेसिटी बाकी वैरिएंट के मुकाबले ज्यादा है

08 CORONA

कोरोना का ये सब वैरिएंट इंसान के शरीर में घुसने के बाद सबसे पहले कोशिका के प्रोटीन पर असर करता है। ये शरीर के अंदर संक्रमण फैलने का पहला स्टेज है। इस वायरस की कोशिका से चिपकने की कैपेसिटी बाकी वैरिएंट के मुकाबले ज्यादा है। यही वजह है कि ये ज्यादा से ज्यादा लोगों को संक्रमित करता है।

इसका असर संक्रमित व्यक्ति की छाती के ऊपरी हिस्से पर ज्यादा होता है। हालांकि, राहत की बात ये है कि डेल्टा वैरिएंट की तरह ये सीधे फेफड़ों पर असर नहीं करता है। यही कारण है कि इससे जान जाने का खतरा कम हो जाता है। हालांकि, अगर फिर से इस सब वैरिएंट ने रूप बदला तो ये जानलेवा भी हो सकता है।

वैक्सीन को बेअसर करता है

विशेषज्ञों की मानें तो ये वैरिएंट इतना खतरनाक है कि ये इंसान के शरीर में कोरोना वैक्सीन को भी बेअसर कर देता है। मतलब वैक्सीनेशन और प्राकृतिक तरीके से शरीर में बनी एंटी बॉडीज को बेअसर करके संक्रमण फैलाता है।

डॉ. महेश भार्गव ने कहा

57

उन्होंने कहा, ‘भारत में 95 फीसदी से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। 80 से 90 फीसदी ऐसे लोग हैं, जिन्हें वैक्सीन का डबल डोज लगाया जा चुका है। करीब 25 करोड़ लोगों को बूस्टर डोज भी लगाया जा चुका है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बड़ी संख्या में लोग संक्रमित भी हुए थे।

ऐसे में भारत बड़ी संख्या में लोगों के अंदर एंटीबॉडी तैयार हो चुकी है। लोगों के अंदर हर्ड इम्यूनिटी, कम्युनिटी इम्यूनिटी है। ऐसे में अगर कोरोना का ये वैरिएंट फैलता भी है तो लोग आसानी से इससे लड़ लेंगे। लोगों के जान जाने का खतरा कम रहेगा।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

कैसे बनाए जाते हैं शीतल पेय

आनंद कु. अनंत ग्रीष्म के आगमन के साथ ही बाजार...

महिला आरक्षण की मृगतृष्णा की उलझन

भारतीय राजनीति के रंगमंच पर इन दिनों एक नया...

केंद्र के साए में बंगाल के चुनाव

1952 से ही भारत में एक सुगठित चुनाव प्रणाली...

विदेश भेजने के नाम पर ठगी

कई युवाओं की विदेश में नौकरी की चाहत होती...
spot_imgspot_img