Thursday, January 26, 2023
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सुशासन में समय पर न्याय मिलना जरूरी, न्यायालय से जुड़ी पत्रावलियां न रहें लंबित: मुख्यमंत्री

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  • मुख्यमंत्री का निर्देश, हर विभाग में एक्टिव रहें नोडल अधिकारी, न्यायालय के समक्ष रखें सही तथ्य
  • न्यायालय में समयबद्ध और प्रभावी पैरवी के लिए मुख्यमंत्री ने की समन्वय बैठक, शासन के अधिकारियों के साथ महाधिवक्ता, अपर महाधिवक्ता सहित विधि अधिकारियों की रही उपस्थिति
  • अधिवक्ता कल्याण के लिए संकल्पित है सरकार, सरकार की योजनाओं का लाभ अधिवक्ताओं को दिलाएं: मुख्यमंत्री

जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: आम जन की सुविधा और शासकीय कार्यप्रणाली की सुगमता के दृष्टिगत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने शनिवार को प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों तथा वरिष्ठ विधि अधिकारियों के साथ बैठक की। विशेष बैठक में प्रदेश सरकार के महाधिवक्ता, अपर महाधिवक्ता गण, प्रमुख सचिव न्याय, प्रमुख सचिव संसदीय कार्य सहित न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता रही।

विशेष बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच बेहतर समन्वय और सही तथ्यों के साथ शासन की मंशा प्रस्तुत करने में हमारे विधि अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विगत साढ़े पांच-छह वर्षों के भीतर प्रभावी पैरवी के साथ आम जन को समय से न्याय दिलाने के लिए अपना बेहतर सहयोग दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन में समय से न्याय मिलना जरूरी होता है। ऐसे में न्यायालय से जुड़ी पत्रावलियों का प्राथमिकता के साथ निस्तारण किया जाना चाहिए। पत्रावलियां लंबित न रहें, न्यायालय के समक्ष समय पर सही तथ्य प्रस्तुत हों, इनके लिए यह आवश्यक है कि शासन के अधिकारियों और विधि अधिकारियों के बीच सतत संवाद और बेहतर समन्वय हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कतिपय अवसरों पर न्यायालय द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को समन भी जारी किया जाता है। प्रयास हो कि ऐसे मौके अपवाद स्वरूप ही हों। ऐसी स्थिति से शासन के दैनिक कामकाज पर असर पड़ता है। विधि अधिकारियों को इसके लिए बेहतर नियोजन करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत वाद में सही तथ्य रखे जाएं। तय समय-सीमा के भीतर एफिडेविट प्रस्तुत हो। सभी विभागों में इसके लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। विशेष परिस्थितियों में मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय से सहयोग लेने में संकोच न करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालयों में राज्य सरकार का पक्ष रखना बड़ी जिम्मेदारी का कार्य है। इसके लिए पहले से ही पूरी तैयारी कर ली जानी चाहिए। हर प्रकरण को पूरी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ता कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक नीतिगत प्रयास किए गए हैं। महाधिवक्ता कार्यालय के माध्यम से भी इनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। अधिवक्ता गणों के हित में आगे भी नवीन प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्र ने शासन और विधि अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय की दृष्टि से बैठक कराए जाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में हमारे विधि अधिकारियों की पूरी टीम राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप कानून के हिसाब से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही है। शासन स्तर से सभी विभागों द्वारा बेहतर समन्वय और सहयोग प्राप्त हो रहा है।

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