Wednesday, April 29, 2026
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सफेद पोशों का मकान पर कब्जा

  • देश के दुश्मनों से दांत खट्टे करने वाला पुलिस से हारा
  • फौजी की मदद के बजाए थाने से लौटा दिया उल्टे पांव
  • बीआई लाइन कोठी नंबर 30 में सफेदपोशों की करतूत

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सीमाओं पर देश के दुश्मनों से लोहा लेकर उनके दांत खट्टे कर देने वाला एक फौजी दबंगों और उनकी मददगार बनी पुलिस से हार गया। परिवार के लिए आशियाने का सपना संजोकर जिदंगी भर की कमाई लगाकर कैंट के बीआई लाइस स्थित कोठी नंबर 30 में उसने जमीन का जो टुकड़ा उसने खरीदा था, उस पर कुछ सफेदपोश दबंगों ने कब्जा कर लिया। उसकी जमीन पर जो छोटा सा घर बना हुआ था उसको जमीदोज कर दिया गया। उसको जब यह पता चला कि उसके आशियाने को सफेदपोश दबंगों ने जमीदोज कर दिया है तो वह बदहवासी की हालात में दौड़कर बीआई लाइस 30 नंबर बंगले पर पहुंचा, जहां उसने आशियाना का सपना देखा था।

दबंगों के बाउसंरों ने उसको उसकी जमीन तक नहीं जाने दिया। उसकी कुछ समझ नहीं आ रहा था। इंस्पेक्टर लालकुर्ती इंदू वर्मा ने बताया कि राम कुमार वर्मा को रक्षा मंत्रालय से यह संपत्ति मिली है, वहीं दूसरी ओर अजय नाम के शख्स के पास भी संपत्ति के कागज हैं। इस मामले में कैंट बोर्ड व डीईओ से जानकारी मांगी गयी है। जिसके भी पक्ष में आदेश मिलेगा कार्रवाई कर दी जाएगी। पुलिस का विवाद से कुछ लेना देना नहीं, लेकिन शांति व्यवस्था खराब करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।

ये है पूरा मामला

अजय कुमार सेना के रिटायर्ड हैं। रिटायर्डमेंट के बाद जो रकम उन्हें मिली उससे उन्होंने बीआई लाइन स्थित बंगला नंबर 30 में दो कमरों को पोर्शन खरीद लिया। वहां यहां कुछ बदलावा कर परिवार के साथ रहने की योजना बना रहे थे। उन्होंने बताया कि इन दिनों उनका परिवार किराए के मकान में रह रहा है। शीघ्र ही वह यहां शिफ्ट होने वाले थे। 3 अप्रैल को उन्हें किसी ने सूचना दी कि बंगला 30 में उनका पोर्शन इस बंगले के दूसरे हिस्से में काविज दबंगों ने जमींदोज कर दिया है। मलवा उठाकर दूर फैंक दिया है। वह जब पहुंचे तो वाकई ऐसा हो चुका था।

किसी ने सलाह दी तो वह सीधे थाना लालकुर्ती पहुंच गए। लेकिन उनके पहुंचने से पहले वहां राम कुमार गुप्ता व उनके करीबी लोग मौजूद थे। अजय का आरोप है कि रामकुमार गुप्ता ने ही उनका पोर्शन जमीदोज कर उसको कब्जा लिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस के सामने उन्होंने तमाम कागजात पेश किए। संपत्ति क्रय के तमाम सबूत दिखाए। लेकिन ऐसा लगा कि पुलिस भी दबंगों के इशारे पर ही काम कर रही है।

बजाए संगीन धाराओं में लिखा पढ़ी करने के उल्टे उन्हें कैंट बोर्ड के कायदे कानूनों व जांच की बात कहकर टकरा दिया गया। अजय का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि सेना में रहकर देश की सेवा का यह सिला मिलेगा। उन्हें समझ नहीं आ रहा है करें तो क्या करें, मदद मांगे तो किससे मांगे क्योंकि जिन्होंने उनके पोर्शन पर अवैध कब्जा कर लिया है वो उनके गुनाहगार होने के साथ-साथ प्रभावशाली सफेदपोश हैं।

कलंजरी में जमीनी रंजिश में दो पक्षों में चली गोली, दो घायल

जानीखुर्द: शनिवार शाम को कलंजरी गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में गोली चलने पर दो व्यक्ति घायल हो गये। थाना क्षेत्र के कलंजरी गांव निवासी प्रशांत और सेवकराम में पिछले काफी समय से जमीनी विवाद चला आ रहा है। इस रंजिश में प्रशांत को मारने के लिए गांव के ही सेवक राम ने बदमाशों को सुपारी दे रखी थी। इस रंजिस व सुपारी को लेकर न्यायालय में दोनों पक्षों का मुकदमा चल रहा है।

पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के खेत भी आसपास ही है। शनिवार शाम प्रशांत और सेवकराम पक्ष के लोग खेतों पर थे। दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जोकि संघर्ष में बदल गई। बताया गया है कि दोनों पक्षों के लोग खेतों पर पहुंचे और लाठी-डंडे लेकर एक-दूसरे पर हमला कर फायर झोंक दिया। जिसमें गोली लगने से सेवकराम और उसका साथी निर्दोष घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को मेरठ के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया।

जानी थानाध्यक्ष प्रजन्त त्यागी के अनुसार दो पक्षों में पुराना जमीनी विवाद चला आ रहा है। शुक्रवार को भी दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के तीन लोगों का शांतिभंग की धारा में चालान किया था। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस घटना की जांच कर रही है। तहरीर नहीं मिली तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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