Wednesday, April 22, 2026
- Advertisement -

दिल्ली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना नदी

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: दिल्ली में यमुना किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए निकासी अलर्ट घोषित कर दिया गया है। और नदी का जलस्तर 205.33 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर 206.11 मीटर तक पहुंच गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के बाद इस साल अब तक का सबसे अधिक है।

पूर्वी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट अनिल बांका ने बताया कि जलस्तर 206 मीटर के स्तर को पार करने के बाद मंगलवार सुबह निकासी अलर्ट जारी किया गया था। नदी के किनारे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को खाली कराया जा रहा है और ऊंचे स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों और आसपास के इलाकों में रैन बसेरों में उनके ठहरने की व्यवस्था की गई है।

अनिल बांका ने बताया कि जल स्तर में और वृद्धि के बारे में लोगों को सावधान करने के लिए घोषणाएं की जा रही हैं। दिल्ली में नदी के पास के निचले इलाकों को बाढ़ की चपेट में माना जाता है। वहां लगभग 37,000 लोगों के घर हैं। दो महीने के भीतर यह दूसरी बार है जब अधिकारी निचले इलाकों में बाढ़ के कारण नदी के बाढ़ के मैदानों में रहने वाले लोगों को निकाल रहे हैं। यमुना ने 12 अगस्त को 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार कर लिया था, जिसके बाद लगभग 7,000 लोगों को नदी के किनारे के निचले इलाकों से निकाला गया था।

दिल्ली बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने कहा कि पुरानी दिल्ली रेलवे पुल पर जल स्तर मंगलवार सुबह 5.45 बजे निकासी स्तर 206 मीटर को पार कर गया। सुबह 8 बजे तक नदी बढ़कर 206.16 मीटर हो गई। बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने बताया कि दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे के बीच जल स्तर बढ़कर 206.5 मीटर हो सकता है।अधिकारियों ने हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से सुबह 7 बजे लगभग 96,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की सूचना दी।

यमुना नदी प्रणाली के जलग्रहण क्षेत्र में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली के कुछ हिस्से शामिल हैं। आम तौर पर हथिनीकुंड बैराज में पानी छोड़ने की दर 352 क्यूसेक होती है। लेकिन जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद पानी का बहाव बढ़ जाता है। बैराज से छोड़े गए पानी को राष्ट्रीय राजधानी तक पहुंचने में आमतौर पर दो से तीन दिन लगते हैं।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

अगली पीढ़ी के एआई का खाका

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने उल्लेखनीय प्रगति की है। ध्वनि...

12वीं के बाद खुलेंगे कॅरियर के द्वार

डॉ विजय गर्ग भारत में छात्र अक्सर 12वीं कक्षा पूरी...

विपक्ष से ज्यादा सत्ता पक्ष खुश क्यों है?

पहले भक्त अपने दिमाग का इस्तेमाल करते थे लेकिन...

सड़कें न बनें मौत के रास्ते

सड़कें जीवन को जोड़ने के लिए बनाई जाती हैं,...
spot_imgspot_img