Wednesday, April 29, 2026
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रसोई का बढ़ा बजट, आम जनता परेशान

  • घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में 50 रुपये का हुआ इजाफा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: दिनोंदिन बढ़ती महंगाई ने आमजन की कमर तोड़ दी है। पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस के दामों में हुई बेतहाशा वृद्धि का असर खाद्य पदार्थों पर भी पड़ रहा है। फलों व सब्जियों के दामों में भारी उछाल आया है। इससे आमजन की थाली से सब्जी व दाल दूर होती दिख रही है। सरसों तेल की कीमत भी बढ़ गई है।

इससे मध्यम व निम्न वर्गीय परिवार काफी प्रभावित हैं। महंगाई का असर निजी परिवहन सेवाओं पर भी पड़ा है। महंगाई के इस दौर में दिहाड़ी लगाकर परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाने के साथ ही अन्य तरह के खर्चों को चलाना इन लोगों के लिए टेडी खीर बन गया है।

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गरीब तबके से संबंध रखने वाले लोगों के अलावा जिला के सामाजिक संगठन एवं बुद्धिजीवी लोगों का कहना है कि सरकार की मिली-जुली साजिश से कंपनियां चुपके-चुपके रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर रही है। लिहाजा आसमान छू रही वस्तुओं की कीमतों से आमजन का दिवाला निकलने लगा है।

शनिवार को आम आदमी को महंगाई के मोर्चे पर फिर से तगड़ा झटका लगा है। क्योंकि खाना पकाना महंगा हो गया है और रसोई गैस सिलेंडर के दामों में फिर से इजाफा कर दिया गया है। शनिवार को घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में 50 रुपये का इजाफा हुआ है।

जिसके बाद अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 999 रुपये हो गए हैं। इससे पहले मार्च 2022 में सिलेंडर के दामों में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं इस माह कामर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में भी 102 रुपये की वृद्धि की गई है। जबकि मार्च माह में दूध कंपनियों ने दूध के रेट में 2-5 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था। गैस के दाम से ही नहीं बल्कि आम आदमी खानपान से लेकर सभी समानों पर लगातार बढ़ रहे दामों से परेशान है।

ऐसे में रसोई गैस की कीमतें भी अब रोज आसमान छूने लगी है। बाकी कसर सब्जियों ने पूरी कर रखी है। सरसों के तेल के दाम 15 वर्षों में चार गुना बढ़ गए हैं। गैस सिलेंडर के दामों को लेकर जब घरेलू महिलाओं से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि महंगाई तो दिन प्रतिदिन बढ़ रही है जब भी नया समान खरीदने जाते हैं पता चलता है कि पहले से दाम बढ़ गए हैं। ऐसे में घर कैसे चलाया जाए यही सोचा जा रहा है। क्योंकि आमदनी बढ़ नहीं रही महंगाई बढ़ती जा रही है।

चुनाव के बाद से बढ़े हैं दाम

पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 22 मार्च को सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में 50 रुपये की वृद्धि की गई थी। इससे पहले छह अक्टूबर 2021 के बाद घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया था।

लगातार बढ़ रही महंगाई

अतुल शर्मा का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार फिर से आने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि कुछ हद तक महंगाई से निजात मिलेगी, लेकिन कम होने की बजाए यह फिर से बढ़ रही है।

गड़बड़ा गया घर का बजट

रेखा सिंह का कहना है कि गैस ही नहीं घरेलू सामान के अधिकाश सामानों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में जहां घर का बजट गड़बड़ा रहा है वहीं रसोई को चलाना भी मुश्किल हो रहा है।

नहीं सोच रही सरकार

प्रतिभा का कहना है कि सरकार लोगों के बारे में नहीं सोच रही है। इस समय बच्चों के स्कूल खुले हैं, उनकी फीस आदि का भार लोगों पर हैं, लेकिन अब गैस और पेट्रोल के दामों ने तो लोगों को परेशान कर दिया है। हर महीने रसोई के बजट में कमी आने के बजाय इजाफा हो रहा है। जिसको लेकर आम जनता त्रस्त हो रही है।

कुछ तो सोचो सरकार

ममता गर्ग का कहना है कि सरकार महंगाई को कम करने का उपाय नहीं खोज रही है। लगातार महंगाई बढ़ने की वजह से आम आदमी परेशान है। ऐसे में लोगों को घर चलाना काफी मुश्किल हो रहा है। गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए जाते हैं और सब्सिडी के नाम पर कुछ नहीं आ रहा है।

जनता महंगाई से हुई त्रस्त

योगिता का कहना है कि जब तक सरकार महंगाई पर ध्यान नहीं देगी काम नहीं चलेगा। आम जनता महंगाई से त्रस्त हो चुकी है। सरकार को इसके बारे में सोच विचार करना होगा। तभी जनता को फायदा होगा।

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