- कांवड़ मार्ग के किनारे काली राख के ढेर से कांवड़ियों को खतरा
- मार्ग पर गुजरने वाले कांवड़िए हो सकते है बीमार
जनवाणी संवाददाता |
भोपा: उत्तर प्रदेश के जनप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त आदेशों पर मुजफ़्फ़रनगर के तमाम छोटे बड़े अधिकारी कावड़ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार क्षेत्र के भ्रमण पर हैं और कावड़ मार्ग पर निरीक्षण पर निरीक्षण किए जा रहे हैं परंतु काली राख के काले बादशाह के बुलन्द हौसलों के चलते कांवड़ मार्ग पर काली राख के बड़े-बड़े ढेर अभी भी मौजूद हैं जो यहां से गुजरने वाले कांवड़ियों के लिए खतरा बने हुए हैं काली राख के संपर्क में आकर कांवडियो को श्वांस व आंखों से संबंधित बीमारियां फैल सकती है परंतु किसी भी अधिकारी की निगाह अब तक इन काली राख के ढेरों पर नहीं पड़ी है अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि काली राख के इन ढेरों के साए में सुरक्षित कावड़ यात्रा कैसे पूरी होगी ?
सावन के पवित्र माह में चलने वाली कावड़ यात्रा प्रारंभ होने में कुछ ही दिन शेष रह गए हैं मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद मुजफ्फरनगर का तमाम प्रशासनिक अमला कावड़ यात्रा को सुरक्षित बनाने में जुटा हुआ है मुख्यमंत्री के आदेश है कि किसी भी कावड़िए को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना ना हो पाए इसके लिए युद्ध स्तर पर कार्य जारी है मुजफ्फरनगर के तमाम आला अधिकारी दिन-रात कावड़ मार्ग पर निरीक्षण करते दिखाई पड़ रहे हैं वही अपने मातहतों को दिशा निर्देश देकर कांवड़ यात्रा को पूर्ण कराने के लिए लगे हुए हैं परन्तु भोपा थाना क्षेत्र का दुर्भाग्य कहें या अधिकारियों की लापरवाही कांवड़ मार्ग पर काली राख के काले बादशाह के बुलंद हौसलों के चलते कावड़ यात्रा असुरक्षित दिखाई पड़ रही है काली राख के काले बादशाह द्वारा सांठगांठ कर कांवड़ मार्ग नंगला बुजुर्ग चौराहे पर काली राख के बड़े-बड़े ढेर लगा रखे हैं जो अभी तक बड़े बड़े अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान किसी भी अधिकारी की निगाह में नहीं आ पाए हैं अगर कावड़िया इस काली राख के संपर्क में आएंगे तो कांवडियो को श्वांस एवं आंखों संबंधी बीमारियां होने का खतरा पैदा हो जाएगा जिससे उनकी कावड़ यात्रा में विघ्न पड़ सकता है
काली राख उड़ने से दर्जनों लोग बीमार
भोपा थाना क्षेत्र के गांव नगला बुजुर्ग के पास काली राख के बड़े-बड़े ढेर अधिकारियों का मुंह चिढ़ाने के लिए काफी है ग्रामीणों के अनुसार इस काली राख के उड़ने पर लगभग दर्जनों लोग श्वांस और आंखों संबंधी बीमारियों से ग्रसित हो चुके हैं तेज हवा चलने के साथ-साथ यह काली राख ग्रामीणों की सांस के साथ शरीर के अंदर चली जाती है जो शरीर पर दुष्प्रभाव डालती है वही आंखों में जाने के बाद आंखों में जलन एवं कई प्रकार की गंभीर बीमारियां हो सकती है जंहा एक और नगला बुजुर्ग में दर्जनों लोग आंखों एवं सांस संबंधी बीमारियों से ग्रसित हो चुके हैं वहीं शनिवार को केमिकल युक्त राख के संपर्क में आकर नंगला बुजुर्ग निवासी युवक मोहम्मद नबी गंभीर हालत में दिल्ली के एक अस्पताल में मौत से जंग लड़ रहा है
राख के ढेरो के चलते कैसे होगी भोलो की सेवा
भोपा थाना क्षेत्र के कांवड़ मार्ग पर स्थित नंगला बुजुर्ग चौराहे पर मुजफ्फरनगर की एक शुगर मिल द्वारा प्रतिवर्ष कांवड़ शिविर लगाकर रात दिन कांवडियो की सेवा की जाती है और धर्म लाभ उठाया जाता है हरिद्वार से जल लेकर आने वाले कावड़िए यहां पर आकर विश्राम करते हैं और उसके बाद अपने गंतव्य की ओर रवाना हो जाते हैं परंतु कांवड़ शिविर लगने वाले स्थान के कुछ ही मीटर दूरी पर राख के ढेर पड़े हुए हैं जो यहां पर रुकने वाले कांवड़ियों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं

