- भारत में मास ट्रांजिट प्रोजेक्ट के तहत पहली बार बन रही है किसी भी शहर में इतनी चौड़ी टनल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: दिल्ली से मेरठ के बीच चलने वाली देश की पहली रैपिड रेल के लिए मेरठ में बनाई जा रही सुरंग देश की सबसे चौड़ी सुरंग होगी। हालांकि अभी तक चूंकि देश में कहीं भी रैपिड की सेवा नहीं है जिसके चलते हम इस सुरंग की तुलना रैपिड के बजाए मेट्रो टेÑनों के लिए बनाई गर्इं सुरंगों से कर सकते हैं।
दरअसल, देश में कई शहर ऐसे हैं जहां मेट्रो ट्रेनें अपनी फुल स्ट्रेंथ और पावर के साथ दौड़ रही हैं। इसके साथ ही साथ कई शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है और शीघ्र ही इन शहरों में भी मेट्रो दौड़ने लगेंगी। विभिन्न शहरों में कई स्थानों पर मेट्रो ट्रेन एलिवेटेड न होकर अंडरग्राउंड दौड़ रही हैं, जिनके लिए मजबूत सुरंगें बनाई गई हैं। मेरठ में भी लगभग छह किमी का हिस्सा ऐसा है जहां मेट्रो के साथ साथ रैपिड ट्रेन भी अंडरग्राउंड ही दौड़ेगी।
इस भूमिगत (अंडरग्राउंड) हिस्से में रैपिड के आने जाने के लिए (अप एंड डाउन) दो समानांतर सुरंगे बनाई जा रही हैं। इन सुरंगों की खास बात यह है कि यह सुरंगे देश में विभिन्न स्थानों पर मेट्रो ट्रेनों के लिए बनाई गर्इं सुरंगों में सबसे ज्यादा चौड़ी होंगी। चूंकि अन्य शहरों में बनी सुरंगों में केवल मेट्रो टेÑेन दौड़ती है जबकि मेरठ में बनाई जा रही सुरंगों में मेट्रो के साथ साथ रैपिड भी दौड़ेगी। इसी कारण यहां जो सुरंग बनाई जा रही हैं वो काफी चौड़ी होगी।

रैपिड से जुड़े अधिकारियों के अनुसार मेरठ के जो तीन स्टेशन (मेरठ सेंट्रल, भैंसाली व बेगमपुल) भूमिगत होंगे उन्हें आपस में कनेक्ट करने के लिए यह सुरंग बनाई जा रही है। भारत में मास ट्रांजिट प्रोजेक्ट के तहत पहली बार 6.5 मीटर व्यास की टनल का निर्माण किया जा रहा है। बताया जाता है कि ट्रेवलिंग (आवागमन) के लिए इतने मीटर व्यास की टलन पूरे देश में कहीं नहीं है।
रैपिड टेÑेन के लिए जो 6.5 मीटर व्यास की चौड़ी सुरंग बनाई जा रही है उसकी एक खास वजह भी है। एनसीआरटीसी अधिकारियों ने बताया कि बड़े रोलिंग स्टॉक एवं ओवरहेड लगेज रैक के साथ साथ 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार की उच्च डिजाइन गति के कारण देश में अन्य मेट्रो प्रणालियों की तुलना में आरआरटीएस की मेरठ टनल को अधिक बड़ा बनाया गया है। रैपिड टेÑेन के लिए बनाई जा रही यह सुरंगे टनल बोरिंग मशीन ‘सुर्दशन’ के माध्यम से बनाई जा रही हैं।

