वाराणसी: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए शासन प्रशासन ने कोई कसर नही छोड़ी है। जहां एक तरफ शहर को खूबसूरत बनाया जा रहा है और अनेक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ शहर के सबसे पुराने पार्क शहीद उद्यान जो वाराणसी नगर निगम से संचालित है, की स्थिति बदहाल हो चली है।
बेहद पाश इलाके में स्थित इस पार्क में सुबह शाम बच्चों और बूढ़ों की भीड़ उमड़ती है। सभी स्वास्थ्य लाभ लेने इस पार्क में पहुंचते हैं तो वहीं बच्चे इन दिनों काफी निराश हैं क्योंकि उनके लिए बने झूले और ओपन जिम टूट चुके हैं। शहर के बीचों बीच स्थित शहीद उद्यान को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बेहद ही आकर्षक बनाया गया है। बदहाली की कगार पर पहुंच रहे शहीद उद्यान को लेकर लोगो में मायूसी छाई हुई है। उद्यान में आने वाले लोगो की माने तो मेंटेनेंस ना होने की वजह से सभी झूले और व्यायाम के साधन खराब हो रहे हैं।
शहीद उद्यान पार्क में शिरकत करने पहुंचे परिजनों की माने तो शहर का सबसे स्वच्छ और सुंदर पार्कों में शहीद उद्यान है लेकिन इन दिनों यहां बदहाली छाई हुई है। विगत कुछ सालो पहले इस पार्क का जीर्णोद्धार किया गया था। उस समय बच्चो के खेलने के लिए और लोगो के व्यायाम के लिए कई उपकरण लगाए गए।
इन उपकरणों की वजह से शहर के काफ़ी लोग पार्क में आने लगे, लेकिन इन उपकरणों का रख रखाव सही से नही किए जाने पर सभी खराब स्थिति में है। बच्चो के खेलने के लगाए झूले से लेकर स्लाइडर , जीम करने के लिए लगाए गए उपकरण सभी टूटी अवस्था में है। स्थानीय लोगो के अनुसार विगत कुछ सालो तक इस उद्यान का रख रखाव प्राइवेट कंपनी के द्वारा किया जा रहा था, लेकिन संभवतः वह कंपनी अब उद्यान का रख रखाव नही कर रही है। ऐसे में फिलहाल नगर निगम को इन उपकरण को सही करवाना चाहिए।