- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पलायन करने लगे ग्रामीण
- चारागाह हुए पानी-पानी पशुओं के चारे का संकट
- शुक्रवार को गंगा में 2 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज
जनवाणी संवाददाता |
हस्तिनापुर: गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से बाढ़ प्रभावित खादर क्षेत्र में बाढ़ का कहर लगातार जारी है। गुरुवार को बिजनौर बैराज से गंगा जल स्तर में हुई वृद्धि और फतेहपुर प्रेम के समीप धराशाई हुए तटबंध से गंगा किनारे बसे कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। लगातार जलस्तर में हो रही वृद्धि के चलते लोगों ने गांवों से पलायन शुरू कर दिया है। वहीं, प्रशासन ने जल स्तर में वृद्धि के चलते खादर क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया है।

बता दे की गंगा जलस्तर में पिछले दो सप्ताह से लगातार वृद्धि चल रही है बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह 8 बजे तक बिजनौर बैराज से गंगा नदी में 2 लाख से भी अधिक पानी का डिस्चार्ज चल रहा था, जो 8 बजे के बाद घटकर 1 लाख 67 हजार क्यूसेक रह गया। गुरुवार सुबह से ही बिजनौर बैराज से गंगा नदी में 2 लाख क्यूसेक से भी अधिक पानी का डिस्चार्ज गंगा नदी में चल रहा था। जिसके चलते जल स्तर में वृद्धि होना सामान्य बात है।
राजस्व टीम ने किया प्रभावित गांवों का निरीक्षण
डीएम के निर्देश के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी वित्त, एसडीएम व राजस्व टीम ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। ग्राम हरिपुर, चामरोद, भागुपुर परसापुर हंसापुर, शिरजेपुर, दबखेड़ी, फतेहपुर प्रेम, रठौराकलां, हादीपुर गांवड़ी, लतीफपुर, किशनपुर खादर गांवों को जाने वाले सम्पर्क मार्ग पर एवं खेतों में जलभराव पाया गया।

ग्राम कुन्हैड़ा, बामनौली, रुस्तमपुर भीकुंड तक जाने वाले सम्पर्क मार्ग पर निरीक्षण के समय जलभराव नहीं पाया गया। शेरपुर बहवलपुर, गोकलपुर व रूपड़ा गैर आबाद ग्राम है। उपस्थित ग्रामवासी से वार्ता की गयी उनके द्वारा अवगत कराया गया कि खेतो में जलभराव है तथा ग्राम की आबादी क्षेत्र में जलभराव नहीं है। किशनपुर खादर गांव में एक गुरुद्वारा है जहां पर लंगर की व्यवस्था है।
गांवों के संपर्क मार्ग पर पानी ही पानी
खादर क्षेत्र के किसानों की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। वहीं, कई गांव पर बाढ़ का खतरा मंडराया हुआ है। गांवों को जोड़ने वाली सड़कें पूरी तरह जलमग्न हैं। ग्रामीणों को बाढ़ जैसे हालातों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति पर नजर रखने के लिए शासन प्रशासन के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। वहीं खादर क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है।
पर्याप्त नहीं प्रशासन के बाढ़ से निपटने के इंतजाम
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भी शासन प्रशासन की ओर से अभी क्षेत्र में कोई उचित प्रबंध नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि शासन प्रशासन के अधिकारियों का दावा है कि बाढ़ से निपटने के लिए कई विभागों को लगाया गया है और पूरी तैयारी की गई है। निचले इलाकों के ग्रामीणों की सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए लगातार अपील की जा रही है।
इन गांवों के हालत बेहद नाजुक
अभी तक खादर क्षेत्र के गांव दबखेड़ी, हरिपुर, हंसापुर, परसापुर, दुधली खादर, खेड़ीकलां, मनोहरपुर, शेरपुर नई बस्ती, किशनपुर, लतीफपुर, रठौरा आदि गांव के हालात नाजुक हो चुके हैं। यह गांव पानी से चारों ओर घिरे हुए हैं। इनमें आने वाले कई गांव के घरों में पानी भी पहुंच चुका है। खादर क्षेत्र के लोगों को बाढ़ जैसे हालातों का सामना करना पड़ रहा है।
हजारों हेक्टेयर फसल जलमग्न
क्षेत्र के किसानों की हजारों हेक्टेयर धान की फसल बाढ़ की भेंट चढ़ गई हैं, जिसमें किसानों को करोड़ों रुपये के नुकसान की संभावना है। वहीं, क्षतिग्रस्त तटबंध से गंगा की धारा खादर क्षेत्र की ओर हो गई है, जिससे खादर क्षेत्र की बड़ी आबादी प्रभावित हो रही है। अभी तक क्षतिग्रस्त तटबंध से पानी रोकने के लिए कोई उचित प्रबंध नहीं किए गए हैं और इस तटबंध से पानी को रोकना शासन और प्रशासन के लिए असंभव लग रहा है।
भारतीय किसान यूनियन ने किया बाढ क्षेत्र का दौरा
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी संगठन ने खादर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र रठौराकलां, मानपुर, सिरजेपुर, शहजादपुर में स्थिति का जायजा लिया। किसानों एवं संगठन कार्यकर्ताओं से मिलकर हर संभव मदद का आश्वाशन दिया। इस मौके पर सरदार जज सिंह, बंटी प्रधान, हर्ष चहल, विनय, विपुल, सरदार हरविंद, जसप्रीत, बलजीत, कर्मजित्त सिंह, गुरविंदर, मनप्रीत, विक्रमजीत आदि मौजूद रहे।

