
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही मची हुई है। शिमला में हुए अलग-अलग हादसों में अभी तक कुल 50 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते मंडी जिले में भारी तबाही आई हुई है। भूस्खलन की स्थिति में लोगों का जीवन त्रासदी का शिकार हो जाता है और वे दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर हो जाते है। भारत में भी यह समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। हिमालयी क्षेत्र में दरकते पहाड़ों को लेकर लगातार चिंता बढ़ रही है। बादलों का फटना हो या भूस्खलन। तारीख बदलती है, साल बदलता है, लेकिन मानसून में पहाड़ों से चट्टानों के खिसकने और भूस्खलन की घटनाएं नहीं बदलती हैं। इसकी वजह से जान-माल का भारी नुकसान होता है। अक्सर सड़कें और घर बर्बाद हो जाते हैं।