Friday, May 1, 2026
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एक रजिस्ट्रेशन पर शहर में दौड़ रहीं छह ई-रिक्शा

  • अवैध ई-रिक्शाओं के ठेकेदार भी रडार पर, तीन दिन में 150 अवैध ई-रिक्शा किए गए सीज

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर में अवैध ई-रिक्शाओं का कितना बड़ा जाल फैला हुआ है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक रजिस्ट्रेशन पर कुछ लोगों ने चार से छह ई-रिक्शा तक बना लिए हैं। वहीं, दूसरी ओर एसपी टैÑफिक का शहर के यातायात के लिए मुसीबत बनीं अवैध ई-रिक्शाओं के खिलाफ अभियान लगातार जारी है।

इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन दिन के भीतर 100 से 150 से ज्यादा अवैध रूप से संचालित की जा रही ई-रिक्शाओं का चालान किया गया है। इस बीच यह भी पता चला है कि अवैध ई-रिक्शाओं को जो लोग ठेकेदार बने हुए हैं बहुत जल्दी उनके भी बुरे दिन शुरू होने वाले हैं। ऐसे लोग अब रडार पर आ गए हैं।

मुसीबत की जड़ का खुलासा

महानगर के तमाम इलाकों में लगने वाले जाम का खुलासा हो गया है। अवैध ई-रिक्शाओं के खिलाफ एसपी टैÑफिक के ताबड़तोड़ अभियान के बाद शहर में लगने वाले जाम के कारणों का भी खुलासा आखिर हो गया। इसको लेकर बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आयी है। वो यह कि आरटीओ में एक रजिस्ट्रेशन पर कुछ लोग कई-कई ई रिक्शाएं चलवा रहे हैं।

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अवैध ई-रिक्शाओं के खिलाफ जब अभियान चलाया गया और लोग अपनी ई-रिक्शाओं को छुड़वाने के लिए पहुंचे तो उनमें से कुछ ने ही यह खुलासा अनजाने में कर दिया कि एक पंजीकरण में कई-कई ई-रिक्शा संचालित किए जा रहे हैं। इस बडेÞ खुलासे के बाद खुद टैÑफिक पुलिस वाले भी हैरत में पडेÞ हैं।

जारी रहेगा अभियान

कभी जाम और अवैध ई-रिक्शाओं के लिए बदनाम रहे हापुड़ स्टैंड चौराहे पर जो व्यवस्था एसपी टैÑफिक ने की हैं, उसी तर्ज पर शहर के दूसरे जाम के लिए बदनाम चौराहों पर भी व्यवस्था की प्लानिंग तैयार है। कुछ पर काम भी शुरू कर दिया गया है।

इससे इतना तो साफ हो गया है कि अवैध ई-रिक्शाओं को लेकर अब तक जो कुछ चलता रहा है, वो आगे नहीं चलने दिया जाएगा। अवैध ई-रिक्शा या तो सीज होंगी या फिर सड़क से खुद ही हटा ली जाएंगी अथवा संचालक आरटीओ में उनका रजिस्ट्रेशन कराएंगे।

जाम से मुक्ति का इंतजार

शहर के यातायात को बेपटरी करने पर उतारू ई-रिक्शाओं के खिलाफ अभी भी बड़े अभियान का इंतजार है ताकि शहर को जाम से पूरी तरह से मुक्त कराया जा सके। शहर के तमाम ऐसे इलाके हैं जो ई-रिक्शाओं की वजह से जाम की चपेट में हैं।

इन इलाकों में लालकुर्ती पैंठ एरिया, शहर घंटाघर, सदर थाना क्षेत्र का भैंसाली व जलीकोठी इलाका, केसरगंज व रेलवे रोड, वैली बाजार व खैरनगर बाजार तथा इससे सटा कोटला इलाका सरीखे करीब दो दर्जन ऐसे इलाके हैं जहां ई रिक्शाओं की वजह से जाम सरीखे हालात पूरे दिन बने रहते हैं।

हापुड़ अड्डा चौराहे पर जाम के लिए ई-रिक्शा और थ्री व्हीलर जिम्मेदार

हापुड़ अड्डा चौराहे को जाम से मुक्ति नहीं मिल पा रही हैं। ई-रिक्शा और थ्री व्हीलर यहां जाम की मुख्य वजह बने हुए हैं। चौराहे से पांच सौ मीटर की दूरी तक ये ई-रिक्शा और थ्री व्हीलर हटा तो दिये गए हैं, लेकिन ये सभी इसके बाद व्यापारियों की दुकानों के आगे से लेकर सड़क तक इनका कब्जा हो गया हैं। इससे व्यापारी वर्ग के लोग परेशान हो गए हैं। जाम भी वहां लगने लगा हैं।

इनका कोई स्थाई समाधान ट्रैफिक विभाग नहीं कर पा रहा हैं। इसका स्थाई समाधान होना चाहिए, जिसके चलते समस्या का निस्तारण हो सकेगा। जाम लोगों के जी का जंजाल बन गया हैं। इस समस्या से जनता को निजात नहीं मिल पा रही हैं। थ्री व्हीलर और ई-रिक्शा जनता के लिए सुविधा तो लेकर आये, लेकिन मुसीबत भी बढ़ा दी हैं। सड़कों पर इनका जमावड़ा दर्द दे रहा हैं। इसको अधिकारी भी नहीं समझ पा रहे हैं। ट्रैफिक कंट्रोल नहीं हो रहा हैं।

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आखिर जिम्मेदारों को इस दिशा में सोचना होगा इसका स्थाई समाधान। ट्रैफिक की बत्ती तो लगा दी हैं चौराहों पर, लेकिन वहां भी जाम लगने लगा हैं। ठीक से चौराहे कंट्रोल नहीं हो पा रहे हैं। शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने की दिशा में प्रयास करने होंगे। चौराहो पर रोटरी बनानी होगी, ताकि वाहनों का घुमाव हो सके। जो भी इस दिशा में सार्थक प्रयास होंगे, वो अपनाने होंगे, तभी जाम की इस समस्या से निजात मिल सकती हैं। जिम्मेदारों की भी इसको लेकर जवाबदेही तय करनी होगी, तभी तो जाम की समस्या से छुटकारा मिल सकता हैं।

  • शीघ्र जाम मुक्त होगा शहर

मेरठ शहर को शीघ्र ही जाम मुक्त कराया दिया जाएगा। ई-रिक्शाओं के खिलाफ टैÑफिक पुलिस ने अभियान छेड़ दिया है। 150 अवैध ई-रिक्शाओं का चालान अब तक कराया गया है। केवल पंजीकृत ई-रिक्शाएं ही शहर की सड़कों पर चलेंगी। -राघवेन्द्र कुमार मिश्रा, एसपी टैÑफिक

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