Wednesday, March 11, 2026
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अब पारुल चौधरी की ओलंपिक पर है निगाहें

  • देश का नाम रोशन करना उनका मकसद, इकलौता गांव पहुंचने पर पारुल चौधरी का किया ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: अर्जुन पुरस्कार से सम्मनित होकर अपने पैतृक गांव पहुंची पारुल चौधरी का ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान ग्रामीणों ने फूल मालाओं से पारुल चौधरी को लाद दिया और उसके शानदार प्रदर्शन पर नाज किया। पत्रकारों से रुबरु हुई पारुल चौधरी का कहना है कि उनका अगला निशाना ओलंपिक है। वह ओलंपिक जीतकर अपने देश का नाम रोशन करना चाहती है। उनके माता-पिता और परिवार के लोगों का उन्हे संपूर्ण प्यार और मदद मिल रही है।

पारुल चौधरी दौराला ब्लाक के छोटे से गांव इकलौता की रहने वाली है। किसान परिवार से ताल्लुक रखती है। पारुल के पिता कृष्णपाल किसान है, लेकिन उन्होंने अपनी बेटियों को बेटों से भी अधिक प्यार दिया और उनका उत्साहवर्धन किया। पारुल चौधरी ने एक के बाद एक मेड़ल जीतकर देश का नाम रोशन किया और अपने गांव को भी देश भर में जना दिया। पारुल चौधरी को मंगलवार को अर्जुन पुरस्कार से सम्मनि किया गया।

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पारुल पुरस्कार प्राप्त करने के बाद अपने गांव पहुंची और उसने कुछ देर बात करते हुए कहा कि अर्जुन पुरस्कार प्राप्त करना उनके लिए बेहद अच्छा क्षण था। पुरस्कार प्राप्त करके उसकी खुशी का ठिकाना नहीं है, लेकिन उनका मकसद अब ओलंपिक जीतकर नाम रोशन करना है। क्योकि ओलंपिक की तैयारी में वह लगी हुई है। इसके लिए वह बैंगलोर में तैयारी कर रही है। हालांकि वह इसके लिए विदेश में भी तैयारी करेगी, लेकिन उनका असली मकसद बस अपने देश के साथ-साथ अपने गांव का नाम रोशन करना है।

पारुल ने परिवार का मान बढ़ाया: राजेश देवी

पारुल चौधरी की मां राजेश देवी का कहना है कि मेरी बेटियों ने मेरा और परिवार का मान बढ़ाया है। उनके जज्बे और हौसले को वह सलाम करती है। बेटियों ने कड़ी मेहनत करके परिवार का नाम रोशन किया है। इसलिए वह अपनी बेटी पर नाज करती है। भाई राहुल का कहना है कि बहन ने आज परिवार के साथ-साथ गांव का नाम रोशन किया है। इसके लिए वह फक्र महसूस करते हैं।

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