- करोड़ों रुपये का होता था ईद के पर्व पर कारोबार, दो वर्ष से लगातार लॉकडाउन में हो रही है ईद
मुसाहिद हुसैन |
मोदीपुरम: लॉकडाउन में उद्योगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। पहली मार तो उद्योेग बंद है। दूसरी मार त्योहार नजदीक है और उद्योग बंद होने के कारण व्यापार चौपट है। जिसके चलते व्यापारियों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। हम अगर जनपद के लावड़ कस्बे की बात करें तो यहां चूड़ी उद्योग के नाम से इस कस्बे का नाम और शौहरत है।
इस कस्बे में चूड़ी का कारोबार बड़े पैमान पर होता है, लेकिन दो वर्ष से यह उद्योग मुफलिसी के दौर में गुजर रहा है। क्योंकि ईद-उल-फितर के पर्व पर चूड़ी का कारोबार बड़े पैमाने पर दिखाई देता है। करोड़ों रुपये का कारोबार इस पर्व पर इस कारोबार से जुड़े व्यापारियों को हो जाता है, लेकिन दो वर्ष से कोरोना महामारी के प्रकोप में यह पर्व पड़ता है। जिसके चलते इस पर्व में यह उद्योग पूरी तरह चौपट हो गया है।
इस बार भी ईद का पर्व चूड़ी व्यापारियों के लिए फीका रहेगा। कस्बे में चूड़ी के कारोबार करने वाले लगभग 150 परिवार ऐसे है। जिनकी आजीविका इस कारोबार से चलती है। मनिहार बिरादरी के लोग इस कारोबार को करते हैं। हालांकि अब तो इस कारोबार से अन्य समाज के लोग भी जुड़ गए हैं, लेकिन यह कारोबार मुख्य रूप से मनिहार बिरादरी का होता है।

इस कारोबार से जुड़े लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। क्योंकि ईद-उल-फितर के पर्व पर चूड़ियों को तैयार करके वेस्ट यूपी के जनपदों में सप्लाई किया जाता है, लेकिन कोरोना वैश्विक महामारी के प्रकोप ने इस कारोबार पर पूरी तरह ग्रहण लगा दिया है। लॉकडाउन लगने के बाद यह उद्योग पूरी तरह से बंद हो गया है।
जिसके चलते लोगों को रोजी-रोटी का सवाल खड़ा हो गया है। चूड़ी का कारोबार करने वाले राजा चूड़ी सेंटर के मालिक राजा का कहना है कि लॉकडाउन ने कारोबार को समाप्ति की ओर धकेल दिया है। दो वर्ष से लॉकडाउन में ईद का पर्व आ रहा है। इस पर्व पर करोड़ों रुपये का कारोबार होता है, लेकिन लॉकडाउन लगने के कारण यह कारोबार पूरी तरह समाप्ति की ओर चला गया है। अब सरकार को ही इस कारोबार को उठाने में सहयोग करना होगा।
लॉकडाउन से सिमटा व्यापार
कारोबारी हाफीज आमिर का कहना है कि चूड़ी की खरीदारी ईद के पर्व पर अधिक होती है। जिसके चलते इस व्यापार से जुड़े व्यापारियों को काफी लाभ मिलता है, लेकिन लॉकडाउन ने व्यापार को समेट दिया है। अब इस कारोबार से जुड़े परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। यदि लॉकडाउन ऐसे ही रहा तो चूड़ी व्यापार करना दुभर हो जाएगा।
कोरोना ने तोड़ दी कमर
लावड़ व्यापार संघ के महामंत्री एवं जनरल स्टोर के मालिक नायाब रिजवी का कहना है कि कारोबार समाप्ति की ओर जा रहे हैं। कोरोना वैश्विक महामारी ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। दो वर्ष से लगातार लॉकडाउन में ईद का पर्व आ रहा है। इस पर्व पर बड़े स्तर पर खरीदारी होती थी, लेकिन लॉकडाउन लगने के कारण सभी की हालात खराब है। ऐसे में व्यापारियों को काफी नुकसान होता है।



