जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना के कारण आर्थिक नुकसान से जूझ रहे मंडप संचालकों को इस बार अच्छी राहत मिलने वाली है। पिछले दो सालों में हुआ नुकसान इस बार पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा सहालग की तैयारी को लेकर बाजार भी तैयार है।
सभी बाजारों सराफा से लेकर इलेक्ट्रॉनिक आइटम समेत गाड़ियों के शोरूमों तक में जमकर खरीदारी की जा रही है। सभी बाजारों में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। अब देखना यह है कि व्यापारी इस मौके को किस प्रकार भुना पाते हैं।
कोरोना के कारण पिछले दो सालों में मंडप संचालकों के हालात किसी से छुपे नहीं है। शादियों मानों जैसे मंडपों में होनी ही बंद हो गई थी। मंडप संचालक काफी आर्थिक नुकसान से जूझ रहे थे। उन्हें बिना बुकिंग के ही मंडपों का बिजली का बिल व अन्य स्टाफ का खर्च उठाना पड़ रहा था।
टेंट व्यवसायों ने तो अपना टेंट का सामान ही बेचना शुरू कर दिया था, लेकिन इस बार के सीजन से मंडप संचालकों और टेंट एसोसिएशन को काफी उम्मीदे हैं। मंडप संचालकों की मानें तो कोरोना के बाद पिछले दो साल में यह ऐसा सीजन है कि एक भी दिन मंडप खाली नहीं होगा। उनके पास अभी तक सभी बुकिंग फुल हो चुकी हैं।
मंडपों में तैयारियां शुरू, एक ही दिन में हजार से अधिक शादियां
मेरठ मंडप एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया कि 14 नवंबर से साया शुरू हो रहा है। जिसके बाद 16, 20, 21, 28, 29 और 30 में नवंबर में साया है। इसके बाद दिसंबर में दोनों माह में मिलाकर 14 साये हैं और एक भी दिन मंडपों में बुकिंग खाली नहीं है।
पहले ही दिन 14 नवंबर को दिन और रात में ही 1000 शादियां हैं। ऐसे में कोरोना को लेकर भी मंडपों में नियमों का पालन किया जायेगा। जो छूट दी गई है उसके हिसाब से ही कार्य किया जायेगा। लोन आदि में पूरी व्यवस्था की जायेगी। पिछले दो सालों से जो नुकसान मंडप संचालकों को उठाना पड़ा है। वह इस सीजन से काफी हद तक पूरा होने की उम्मीद है।
सराफा में भी खूब हो रही खरीदारी
सोना चांदी व्यापार संघ अध्यक्ष संत कुमार वर्मा ने बताया त्योहारों के सीजन में बाजार में खूब रौनक रही। बाजार में उम्मीद से अधिक खरीदारी हुई। मेरठ के सराफा बाजार में अन्य जिलों से भी लोग खरीदारी करने पहुंचे।
अब बाजार में सहालग की तैयारी शुरू हो चुकी है। साये का सीजन 14 नवंबर से शुरू हो रहा है जिसे लेकर अब भी खूब खरीदारी की जा रही है। आने वाले दो माह में और भी अधिक खरीदारी होने की उम्मीद की जा रही है।
बैंड बाजा वालों को भी मिलेगा रोजगार
न्यू जयहिंद बैंड के आॅनर और बैंड एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र धानक ने बताया कि पिछले दो सालों की बात करें तो मजदूर भी छोड़कर जा चुके थे और घोड़ा बग्गी वाले भी अपना सामान रखकर किसी अन्य कार्य में लग गये थे, लेकिन इस बार के साये से सभी समस्याओं का हल निकल जायेगा।
जो लेबर छोड़कर जा चुकी थी, बुकिंग के चलते वह वापस बुला ली गई है। नवंबर और दिसंबर माह में सभी साये फुल हैं। बुकिंग लगातार आ रही है। ऐसे में घोड़ा बग्गी वालों से भी संपर्क किया जा रहा है। सबकुछ ठीक रहा तो यह सीजन कोरोना से पहले के सीजन से भी बेहतर साबित होगा।
शादियों के लिये की जा रही गाड़ियों की बुकिंग
शादी के सीजन के लिये गाड़ियों की बुकिंग पिछले कई माह पहले ही शुरू की जा चुकी थी। दीपावली के मौके पर जो लोगों ने धनतेरस के लिये गाड़ियों की बुकिंग कराई थी जो कि पूरी हुई। अब लोग शादियों के सीजन के लिये बुकिंग कराने शोरूम पहुंच रहे हैं।
महिन्द्रा शोरूम के सेल्स मैनेजर गौतम ने बताया कि उनके यहां प्रतिदिन 10 से 12 लोग शादियों की गाड़ियों की बुकिंग के लिये पहुंच रहे हैं।
14 नवंबर को देव उठनी एकादशी पर होगा अबूझ मुहूर्त
कोरोना वायरस के भयावह प्रकोप के कारण पिछले दो साल से शादी-विवाह का रंग काफी फीका रहा। इस दौरान शादियां भी काफी कम हुई। ऐसे में एक बार फिर से शादी की शहनाई और गाजे बाजे की धुन देश के कोने-कोने में गूंजने वाली है।
14 नवंबर यानि देव उठनी एकादशी से शादी विवाह के शुभ मुहूर्त की शुरुआत हो जाएगी। देव उठनी एकादशी पर भगवान विष्णु का शयनकाल समाप्त हो जाता है। शयनकाल के दौरान भगवान विष्णु पाताल लोग में विश्राम के लिए चले जाते हैं। चातुर्मास के दौरान सभी मांगलिक और शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है।
बता दें कि इस वर्ष 20 जुलाई 2021 से चातुर्मास आरंभ हुआ था अब 14 नवंबर को इसकी समाप्ति होगी। हिंदू पंचांग के अनुसार नवंबर में शादी विवाह का पहला मुहूर्त 14 नवंबर यानि देव उठनी एकादशी को है, इसे अबूझ मुहूर्त भी कहते हैं।
नवंबर माह में विवाह के केवल सात शुभ मुहूर्त पड़ रहे हैं। ज्योतिषाचार्य आलोक शर्मा के अनुसार इस वर्ष 15 नवंबर से 13 दिसंबर तक विवाह के काफी शुभ मुहूर्त है। उसके बाद 14 जनवरी से शादियों के शुभ मुहूर्त शुरू होंगे। देव उठनी एकादशी के अगले दिन यानि 15 नवंबर को माता तुलसी और शालिग्राम का विवाह विधि-विधान से सम्पन्न किया जाएगा।
नवंबर माह में शादी के शुभ मुहूर्त
15, 16, 20, 21, 28, 29, 30

