- सिख समाज में रोष 3 दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं तो होगा देशव्यापी आंदोलन
- मौके पर जमा हो गए हजारों लोग प्रशासन ने मांगा 3 दिन का समय
जनवाणी संवाददाता |
हस्तिनापुर: थाना क्षेत्र के गांव तारापुर स्थिति गुरुद्वारा साहिब में असामाजिक तत्वों द्वारा पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पन्ने फटे मिलेगी। जिससे सिख समाज में रोष व्याप्त हो गया और मौके पर सिख समाज के हजारों लोग एकत्र हो गए घटना की जानकारी थाना पुलिस और प्रशासन को मिली तो मौके पर पहुंची टीम ने 3 दिन में ग्रंथ साहिब के साथ छेड़छाड़ करने वाले की गिरफ्तारी के आश्वासन पर मौके पर उपस्थित लोग शांत हुए।
क्षेत्र के गांव तारापुर में स्थित गुरुद्वारा साहिब में असामाजिक तत्व द्वारा रविवार शाम को गुरुद्वारा साहिब से छेड़छाड़ की गई थी। जिससे सिख समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित अनुयायियों के आह्वान पर सोमवार को गुरुद्वारा साहिब में एक विशाल बैठक आयोजित की गई।
जिसमें विभिन्न जिलों के सिख समाज के लोगों ने भाग लिया। बैठक में उपजिलाधिकारी कमलेश गोयल एवं सीओ मवाना उदय प्रताप सिंह फॉरेंसिक टीम और भारी पुलिस बल के साथ गुरद्वारा साहिब पहुंचे। जहां पर पहुंचकर सिख समाज के लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से तीन दिनों के भीतरी आरोपी असामाजिक तत्व की गिरफ्तारी कर रासुका के तहत कार्यवाही करने की मांग। जिसके बाद फॉरेंसिक टीम जांच में जुट गई। और प्रशासनिक अधिकारियों ने जल्द ही मामले का खुलासा करने का एक समाज के लोगों को आश्वासन दिया।
जल्द खुलासा नहीं तो करेंगे देशव्यापी आंदोलन
सिख समाज के लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि अगर तीन दिन के अंदर इस मामले का खुलासा नहीं किया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई। तो वह इस मामले में मेरठ पौड़ी मार्ग पर आंदोलन करेंगे जिसमें देश के सभी गुरुद्वारा और सिख संगत पहुंचेगी।
बढ़ाई जाए धार्मिक स्थलों की सुरक्षा
सिख समुदाय के लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि 3 दिन के अंदर मामले का खुलासा नहीं हुआ तो सिख समाज के बहुत लोग आमरण अनशन करेंगे साथ ही सभा को संबोधित कर रहे लोगों ने कहा चुनाव का समय नजदीक है महल सिख धर्म ग्रंथ के साथ हुई घटना निंदनीय है ऐसी घटनाएं अन्य धर्म ग्रंथों या धार्मिक स्थलों पर भी हो सकती है जिसके चलते प्रशासन उनकी सुरक्षा बढ़ाएं।
मौके पर नहीं पहुंचे उच्चाधिकारी
किसान नेता सरदार जज सिंह ने बैठक में उच्चाधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कहा कि सिख समाज के लोगों के लिए यह बहुत बड़ी घटना है लेकिन इसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के उच्चाधिकारियों ने मौके पर पहुंचना तो दूर फोन तक रिसीव नहीं किया।
उन्होंने कहा कि सिख समाज कभी भी सेवा भाव से पीछे नहीं सिख समाज आप दोनों में हमेशा लोगों के साथ खड़ा रहता है लेकिन इसके बाद सिख धर्म धर्म ग्रंथ के साथ हुई घटना के बाद प्रशासनिक उच्चाधिकारियों का फोन नहीं उठाना निंदनीय है।

