Tuesday, April 28, 2026
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भ्रष्टाचार को विधानसभा में उठाएंगे अतुल प्रधान

  • एक-दो दिन में आरटीओ आफिस पहुंचकर करेंगे जवाब-तलब
  • बोले, आरटीओ में भ्रष्टाचार चरम पर, किसी से कुछ छुपा नहीं

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: आरटीओ की शह पर जिले में खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे डग्गामार वाहन और दफ्तर में फैले भ्रष्टाचार का मामला सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान विधानसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि आरटीओ में भ्रष्टाचार, दलाली प्रथा चरम पर है। विभाग के लोगों ने लूट मचा रखी है। एक-दो दिन में वह आरटीओ आॅफिस पहुंचेंगे और अफसरों से जवाब तलब करेंगे। इस वक्त जिले में डग्गामार वाहनों की खुली छूट मिली हुई है। एक अनुमान के अनुसार 50 हजार से अधिक ऐसे वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिन्हें आरटीओ के अफसरों का आशीर्वाद मिला हुआ है और सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की क्षति पहुंचा रहे हैं।

यही नहीं आरटीओ आफिस में आज भी दलालों का राज है और उनके बिना कोई काम नहीं होता है। सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि आरटीओ की शह पर ही पूरे जिले में लगातार डग्गेमारी हो रही है। तमाम वाहनों से पैसा लेकर उन्हें सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है और लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। आरटीओ के अफसर ऐसे वाहनों पर लगाम कसने की बजाय अपनी जेबें भरने में लगे हैं। ऐसा करके लोगों का जीवन खतरे में डाला जा रहा है। अतुल ने कहा कि उन्होंने पहले भी आरटीओ के मामले को उठाया था

और वहां फैले भ्रष्टाचार पर चोट की थी। पर पूरे मामलों में आरटीओे अफसरों की संलिप्तता होने के चलते किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सपा विधायक ने कहा कि शहर में अवैध वाहनों की डग्गेमारी और इसमें अफसरों की संलिप्तता तथा आरटीओं में फैले भ्रष्टाचार के मामले को वह विधानसभा में जोरशोर से उठाएंगे और अफसरों की जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि एक दो दिन में वह आरटीओ कार्यालय भी जाएंगे और अफसरों से मिलकर डग्गेमारी और दलाली प्रथा का विरोध करेंगे।

फिक्स हैं डग्गामार की सवारियां

डग्गामार बसों की सवारियों की जहां तक बात है तो उनको सरकारी रोडवेज की बसों की तर्ज पर सवारियों का इंतजार नहीं करना पड़ता। उनके लिए सवारियां फिक्स हैं। दरअसल, इन बसों में चलने वाला ज्यादातर स्टॉफ गाजियाबाद, दिल्ली नोएडा, गुरुग्राम आदि इलाकों में नौकरी करने वाला है। एक डग्गामार बस के पास औसतन 40 सवारियां ऐसी फिक्स होती हैं। जिनका पेमेंट महीने के हिसाब से आता है। इन 40 सवारियों के अलावा इन बसों की डेली अपडाउन करने वाली सवारियां अलग होती हैं। उसने प्रतिदिन के हिसाब से किराया वसूला जाता है। सवारियों के इन डग्गामार बसों में माल की ढुलाई भी की जाती है। जो माल इनसे ढोया जाता है, वह टैक्स चोरी का होता है।

रोडवेज की बसें तरस रहीं, फुल होकर चल रहीं डग्गामार बसें

महानगर में रोडवेज की बसों के दो स्टैंड है भैंसाली रोडवेज और सोहराबगेट बस स्टैंड। इन दोनों से सरकारी बसों का संचालन किया जाता है। इसके अलावा अनुबंधित बसें भी इन्हीं दोनों रोडवेज बस स्टैंडों से संचालित की जाती हैं। प्रतिदिन सुबह के समय दो नजारे आम हैं, पहला डग्गामार बस का रोडवेज के आगे से सवारियों को भरकर फर्राटे से निकल जाना और नजारा सवारियों के लिए रोडवेज बसोें का तरसना। उसके चालक परिचालक सवारियों के लिए इंतजार करते हैं।

कई बार तो रोडवेज बस स्टॉफ के सामने दो, चार और 10 सवारियां लेकर चलने की मजबूरी होती है, क्योंकि उनसे जिन सवारियों का जाना चाहिए वो तो डग्गामार बस का स्टाफ पहले ही उठाकर ले जाता है। रोडवेज की बसें खाली नजर आती हैं जबकि डग्गामार अवैध बसें सवारियों से लदी होती हैं। कोठी चौराहा, केसरगंज महताब मोड़, डीएम कालेज चौराहा, ईदगाह, मेट्रो प्लाजा, शताब्दी नगर व रिठानी तथा परतापुर मोड़ से सवारियों बैठाते हैं।

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