जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में इस बार गंगास्नान के मौके पर मखदूमपुर में मेले का आयोजन नहीं हो रहा है। जिसके चलते श्रद्धालुओं के हाथ निराशा लगी है, लेकिन यहां मेला नहीं लगने की जानकारी मिलते ही अब मेरठ से श्रद्धालु गढ़ की ओर रवाना होना शुरू हो गये हैं।
मेरठ से सैकड़ों की संख्या में लोग गढ़ मेले के लिये रवाना हो रहे हैं। दिनभर सड़कों पर भैंसा-बुग्गी और ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवार होकर लोग गढ़ जा रहे हैं।
बता दें कि गंगास्नान आगामी 19 नवंबर को है। जबकि देवोत्थान 14 नवंबर को है। इससे पूर्व ही यहां मेला का आयोजन किया जाना था, लेकिर हस्तिनापुर में बाढ़ के कारण मेले के आयोजन नहीं किया जा रहा है।
जिसके चलते श्रद्धालुओं के हाथ मायूसी लगी है। अब यहां मखदूमपुर में दीये आदि लगाने वाले लोग ही अपनी सहूलियत के आधार से जा सकेंगे। इसके अलावा यहां कोई व्यवस्था नहीं हो सकेगी।
हस्तिनापुर के मखदूमपुर में मेले के न लगने से गढ़ रोड, बागपत रोड, मवाना रोड समेत तमाम क्षेत्रों से ग्रामीण बड़े, बुजुर्ग और युवा गढ़मुक्तेश्वर में लगने वाले गंगास्नान मेले के लिये रवाना हो गए।
सड़कों पर गूंज रहे जय गंगा मैया के जयकारे
इन दिनों गढ़ में मेला लगना शुरू हो गया है। गढ़ में मीरा की रेती पर मेले का आयोजन होता है और गंगा के दोनों छोरों पर मेला लगाया जाता है।
जिसकी तैयारी लगभग पूरी की जा चुकी है। इस मेले में जाने के लिये रोजाना सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु भैंसा-बुग्गियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर निकल रहे हैं।
गढ़ रोड पर मेले में जाने वालों की काफी भीड़ नजर आ रही है और व जय गंगा मैया के जयकारों के साथ आगे चल रहे हैं।
कोरोना के दो साल बाद लौटी रौनक
कोरोना के चलते पिछले दो सालों के बात करें तो यह मेला नहीं लगा था। जिसके चलते श्रद्धालुओं के हाथ सिर्फ मायूसी लगी थी, लेकिन इस बार मेले का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
मेले में लाठियां बाजार से लेकर बड़े बाजार लग रहे हैं। बता दें कि गंगास्नान के मौके पर लोग गंगा पर दीये लगाने के लिये जाते हैं।
इसके अलावा कुआं पूजन समेत तमाम धार्मिक कार्य इस दौरान होते हैं। जिस कारण मेले में इस बार काफी भीड़ होने की उम्मीद है।

