Tuesday, June 15, 2021
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खाने की थाली हुई महंगी: रिफाइंड और दालों के दामों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी

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  • कोरोना काल में रिफाइंड और सरसों के तेल के दाम ने छूआ आसमान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मौजूदा महामारी के बीच बढ़ती महंगाई भी आम आदमी की कमर तोड़ रही है। हालात यह है कि खाने के तेल, दाल चावल, हल्दी, धनिया, लाल मिर्च से लेकर किशमश और काजू के दामों में भी इजाफा हुआ है। वहीं, सब्जियों के मूल्यों में भी उछाल है। दुकानदारों की माने तो उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की वजह से सभी समानों के दाम बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि आने वाले समय में इनसे राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है।

कोरोना काल में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दामों के बाद अब तेल-साबुन और दालों के बढ़ते दामों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। गत वर्ष लॉकडाउन और महामारी की वजह से भी रसोई पर इतना असर देखने को नहीं मिला था जितना इस साल देखने को मिल रहा है।



फल और सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी होने के बाद अब खाद्य तेलों के दामों में भारी इजाफा देखने को मिल रहा है। तेल से लेकर दाल तक के दाम बढ़ गए हैं। एक ओर देश की बड़ी आबादी कोरोना के बढ़ते संक्रमण से जिदंगी और मौत के बीच जूझ रही है।

वहीं, दूसरी ओर दवा और इलाज के खर्चो का बोझ झेल रहे आम आदमी को अब रसोई के बजट के लिए भी जदोजहद करनी पड़ रही है। महंगाई बढ़ने की वजह से दुकानों पर भी कम संख्या में लोग समान लेने आ रहे हैं, जो खरीदारी कर रहे हैंं। वह पहले की तुलना में सामान कम ले रहे हैं।

15 दिन में तेजी से बढ़े दाम                                                

अगर दाल की बात करे तो बीते 15 दिन में इसमें बढ़ा इजाफा देखने को मिला है। अरहर की दाल 110 रुपये किलो मिल रही है। जबकि पहले 95 से 100 रुपये किलो मिल रही थी। इसी प्रकार उड़द की दाल भाव 115 रुपये से बढ़कर 130 रुपये तक पहुंच गए है।

मसूर की दाल भी 70 रुपये से 85 रुपये किलो तक मिल रही है। वहीं, खाद्य तेल की बात करें तो 15 दिन में रिफाईड व सरसो के तेल में काफी इजाफा हुआ है 115 रुपये तक बिगने वाला रिफाइंड का तेल अब 165 रुपये किलो में मिल रहा है और सरसो का तेल 160 रुपये प्रति किलो है। मंगलसेन किराना स्टोर संचालक सचिन ने बताया कि खाद्य सामानों के दाम निरंतर बढ़ रहे, जिसकी वजह से सामान खरीदने वालों की संख्या में कमी आई है।


आरती का कहना है कि सामानों के दाम बढ़ने की वजह से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। सबसे ज्यादा रिफाइंड के दामों में इजाफा हुआ है।


प्रतिभा का कहना है कि सभी खाने-पीने के सामान में बढ़ोतरी होने से सेविंग नहीं कर पा रहे हैं। हर महीने रसोई का बजट बिगड़ रहा है। जबकि पहले बजट बनाकर चलते थे, लेकिन अब नहीं हो पा रहा है। क्योंकि महंगाई ने सारा बजट ही बिगाड़ कर रख दिया है।


योगिता का कहना है कि खाने के सामान के दाम बढ़ने से रसोई पर काफी फर्क पड़ा है। सिलेंडर भी महंगा हो रहा है। ऐसे में घर और रसोई का बजट एकदम से बिगड़कर रह गया है।

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